Last updated: July 24th, 2026 at 12:27 pm

New Delhi: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों के साथ सरकार संवेदनशीलता से पेश आने के बजाय कठोर रवैया अपना रही है।
एक लेख के माध्यम से सोनिया गांधी ने कहा कि देश के युवा बेहतर शिक्षा व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें विरोध करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करना देश के भविष्य के साथ समझौता करने जैसा है।
सोनिया गांधी ने दावा किया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है। उनके अनुसार, लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने सरकार से शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ सख्ती उचित नहीं मानी जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना स्वीकार करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जारी अपने संदेश में कहा कि सरकार NEET परीक्षा से जुड़े विवादों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा आयोजित कर लाखों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाने का प्रयास किया गया है। साथ ही सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए कानून और कड़े प्रावधान लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान भी शामिल होगा।
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