Last updated: July 29th, 2026 at 12:25 pm

पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित ISKCON मंदिर परिसर में बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान मंदिर में संदिग्ध आतंकियों के घुसने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस, जिला बल और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाकर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। यह पूरी कार्रवाई केवल सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा थी।
मॉक ड्रिल की शुरुआत वायरलेस के माध्यम से मंदिर परिसर में तीन संदिग्ध आतंकियों के प्रवेश की सूचना मिलने के साथ हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मंदिर और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी, जबकि ATS की विशेष टीम ने तय रणनीति के अनुसार ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संदिग्धों को काबू करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस अभ्यास के दौरान भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को तत्काल सहायता पहुंचाने और संभावित खतरे को निष्क्रिय करने जैसी प्रक्रियाओं का भी परीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह किसी वास्तविक आतंकी घटना से जुड़ा मामला नहीं था, बल्कि नियमित सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी। अधिकारियों ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि किसी भी संभावित खतरे का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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