Last updated: July 29th, 2026 at 01:03 pm

राज्यसभा में प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स ऑफ नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक, 2026, जिसे आम तौर पर ‘वंदे मातरम् बिल’ कहा जा रहा है, पारित होने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इसे देश की राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय का वह और उनकी पार्टी स्वागत करती है, क्योंकि इससे राष्ट्र के सम्मान से जुड़ी अमूल्य धरोहरों की गरिमा और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
यह विधेयक बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में पेश किए जाने के बाद पारित हुआ। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों और मूल्यों की गरिमा को और अधिक प्रभावी ढंग से संरक्षित करना है।
विधेयक पारित होने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने आजादी के आंदोलन के दौरान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना जगाने का कार्य किया था। उनके अनुसार, यह कानून भारत के सांस्कृतिक गौरव को मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आत्मा की आवाज है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के हर चरण में करोड़ों भारतीयों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
राज्यसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
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