Last updated: July 30th, 2026 at 10:54 am

संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण संशोधन) विधेयक पर चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे।
खरगे ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठा सकी। उनके अनुसार, केवल कानून में संशोधन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना जरूरी है।
अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि विपक्ष लंबे समय से छात्रों के मुद्दे उठा रहा था, लेकिन सरकार ने उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि इतने गंभीर मामले पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब आना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य कार्रवाई के आदेश किस स्तर से दिए गए और इसकी जवाबदेही किसकी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली को पहले ही मजबूत किया गया होता, तो बार-बार संशोधन की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने सरकार से छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था लागू करने की मांग की।
राज्यसभा में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने अपने विधेयक को परीक्षा प्रणाली को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं माना और जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
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