Last updated: July 31st, 2026 at 01:22 pm

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर कहा है कि यह लड़ाई लंबी है और केवल एक विरोध-प्रदर्शन से इसका समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लगातार प्रयास और राजनीतिक पहल जरूरी है।
गांदरबल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए किसी विशेष तारीख का इंतजार नहीं किया। उन्होंने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस पहले ही इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा चुकी है और इसी उद्देश्य से पार्टी का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भी गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने राज्य के पुराने विशेष दर्जे और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। उन्होंने दोहराया कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं होता, तब तक इस मांग को लगातार उठाया जाता रहेगा।
5 अगस्त को लेकर पूछे गए सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि उस दिन किसी राजनीतिक या संवैधानिक कदम की आवश्यकता होगी तो पार्टी उचित निर्णय लेगी, लेकिन आंदोलन केवल किसी एक तारीख तक सीमित नहीं है।
इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की स्थिति पर भी चिंता जताई। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वहां से बल प्रयोग और निर्दोष लोगों को निशाना बनाए जाने की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान होना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
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