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नेपाल से आए बाढ़ के पानी के बाद अररिया, रक्सौल और सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से
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नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इसके चलते अररिया, पूर्वी चंपारण (रक्सौल), सुपौल, किशनगंज और अन्य सीमावर्ती जिलों में जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय कर दिया गया है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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    जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से आने वाली कई नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। सीमा से लगे इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने के कारण प्रशासन ने तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर इंजीनियरों और तकनीकी टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की क्षति की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    अररिया, रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत तैयारियों की समीक्षा की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य शुरू करने में देरी न हो। सभी नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है।

    संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत सामग्री का भंडारण भी शुरू कर दिया गया है। खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां, तिरपाल और अन्य आवश्यक सामग्री सुरक्षित स्थानों पर उपलब्ध कराई गई है। नावों और मोटरबोटों को भी तैयार रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए आवश्यक दवाओं और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर मोबाइल मेडिकल यूनिट भी प्रभावित गांवों में भेजी जाएगी।

    प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। जिन क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां लाउडस्पीकर और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

    जल संसाधन विभाग लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए विशेष टीमें तैनात हैं और किसी भी प्रकार के रिसाव या कटाव की सूचना मिलने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

    बाढ़ की संभावना को देखते हुए स्कूल भवनों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में तैयार रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को इन शिविरों में सुरक्षित स्थान दिया जाएगा। पशुपालन विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बच्चों को नदी या जलभराव वाले स्थानों के आसपास न जाने दें। किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।

    बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत अभियान शुरू किया जाएगा।

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