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मोतिहारी में करोड़ों रुपये की अष्टधातु मूर्तियां बरामद, जमीन में दबाकर छिपाया गया था खजाना

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के अंदर दबाकर छिपाई
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बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के अंदर दबाकर छिपाई गई करोड़ों रुपये मूल्य की प्राचीन अष्टधातु की मूर्तियां बरामद की हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि यह मामला प्राचीन मूर्तियों की तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। बरामद मूर्तियों की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की जांच कराई जा रही है।

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    पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष टीम का गठन किया गया और संदिग्ध स्थान पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान जमीन की खुदाई कराई गई, जहां से कई प्राचीन अष्टधातु की मूर्तियां बरामद हुईं। बरामदगी के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर साक्ष्य एकत्र किए गए।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मूर्तियों को लंबे समय से जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें किसी मंदिर या पुरातात्विक स्थल से चोरी किया गया था या अवैध खुदाई के दौरान निकाला गया था। मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पुलिस को तस्करी नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    बरामद मूर्तियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। पुरातत्व और विशेषज्ञ संस्थाओं की सहायता से उनकी आयु, धातु संरचना और ऐतिहासिक महत्व का परीक्षण कराया जाएगा। यदि ये मूर्तियां किसी संरक्षित धार्मिक या ऐतिहासिक स्थल से संबंधित पाई जाती हैं, तो जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिहार की सांस्कृतिक धरोहर की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ कलाकृतियों और ऐतिहासिक वस्तुओं की अवैध खरीद-फरोख्त पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां धार्मिक महत्व के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में भी अत्यधिक मूल्यवान मानी जाती हैं। इसी कारण ऐसे मामलों में संगठित तस्कर सक्रिय रहते हैं। कई बार चोरी की गई मूर्तियां देश से बाहर तस्करी के जरिए पहुंचा दी जाती हैं।

    पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में पुरातात्विक वस्तुओं की अवैध खरीद-फरोख्त या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

    मोतिहारी पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह बरामदगी बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

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