Last updated: August 6th, 2026 at 08:31 am

बिहार सरकार ने गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) को आधुनिक सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अस्पताल के समग्र पुनर्विकास और पुनर्निर्माण के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान अस्पताल के बुनियादी ढांचे, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और मेडिकल शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनेगा मास्टर प्लान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान अगले 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण के दौरान अस्पताल की ओपीडी, आईपीडी और आपातकालीन सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।
आधुनिक सुविधाओं का होगा विस्तार
पुनर्विकास योजना के तहत बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) कई नए निर्माण कार्य करेगा। इसमें आधुनिक छात्रावास, अत्याधुनिक मॉर्चरी कॉम्प्लेक्स, पुराने हॉस्टलों का नवीनीकरण और अस्पताल परिसर में बेहतर बिजली व्यवस्था विकसित करने की योजना शामिल है, ताकि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
मगध क्षेत्र को मिलेगा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ANMMCH को सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किए जाने से गया और पूरे मगध क्षेत्र के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पटना या अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और रेफरल मामलों में भी कमी आएगी।
अस्पताल की सेवाओं में लगातार बढ़ोतरी
समीक्षा बैठक में अस्पताल के हालिया प्रदर्शन की भी जानकारी दी गई। जून 2026 के दौरान अस्पताल में 36,155 ओपीडी मरीजों, 2,965 आईपीडी मरीजों और 1,166 आपातकालीन मरीजों का इलाज किया गया। इसके अलावा 460 मेजर और 2,693 माइनर सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं, जो अस्पताल की बढ़ती क्षमता को दर्शाती हैं।
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