Last updated: August 7th, 2026 at 07:08 am

श्रीनगर: अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया। प्रशासन ने संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
अधिकारियों के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) द्वारा विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। खासतौर पर लाल चौक और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
पार्टी कार्यालयों की ओर जाने वाले रास्तों पर निगरानी
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के पार्टी कार्यालयों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। कई स्थानों पर आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
PDP ने निकाला कैंडल मार्च
वर्षगांठ से पहले पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कैंडल लाइट मार्च और शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा और विशेष संवैधानिक अधिकार बहाल करने की मांग दोहराई।
2019 में हुआ था बड़ा फैसला
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A के विशेष प्रावधानों को समाप्त करते हुए राज्य का पुनर्गठन किया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। इस फैसले को लेकर आज भी राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग मत देखने को मिलते हैं।
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