Last updated: August 7th, 2026 at 07:11 am

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया, जिसमें INDIA गठबंधन के कई दलों और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के सांसद भी शामिल हुए।
संसद परिसर में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा देने के अपने वादे को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।
छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर संसद में बयान दें और सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
JKNC सांसद भी हुए शामिल
प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों ने भी भाग लिया। उनका कहना था कि प्रदेश के लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना आवश्यक है।
राज्य के दर्जे पर फिर तेज हुई बहस
संसद के भीतर और बाहर जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार को अपने पुराने आश्वासन के अनुसार राज्य का दर्जा जल्द बहाल करना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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