Last updated: August 12th, 2026 at 05:47 am

पटना: राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने अपने राजनीतिक सफर और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अगर उन्होंने मुश्किल राजनीतिक दौर में RJD और लालू प्रसाद यादव का साथ छोड़ दिया होता, तो आज उनकी राजनीतिक स्थिति काफी अलग हो सकती थी। उन्होंने यहां तक कहा कि संभव है कि वह बिहार के उपमुख्यमंत्री के पद पर होते।
‘पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, कई नेताओं ने रास्ता बदल लिया’
भाई वीरेंद्र ने अपने पुराने राजनीतिक दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय RJD के पास विधानसभा में महज 22 विधायक रह गए थे। उनके मुताबिक, उस दौर में कई नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली, लेकिन उन्होंने लालू प्रसाद यादव के साथ बने रहने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि अगर वह भी उस समय पार्टी छोड़कर किसी दूसरी राजनीतिक ताकत के साथ चले जाते, तो शायद आज उनका राजनीतिक कद और पद अलग होता। भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में इसे पार्टी के प्रति किए गए त्याग से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने पद या व्यक्तिगत लाभ के बजाय संगठन के साथ खड़े रहना चुना।
‘तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहता हूं’
भाई वीरेंद्र ने कहा कि वह लंबे समय से RJD के साथ जुड़े हुए हैं और पार्टी की विचारधारा को जनता तक पहुंचाने के लिए काम करते रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीतिक प्राथमिकता तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के साथ उनकी प्रतिबद्धता किसी पद या व्यक्तिगत फायदे पर आधारित नहीं है।
पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं पर भी बोले
RJD में नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी के बीच भाई वीरेंद्र ने अपने खिलाफ उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि उनके बारे में क्या बातें कही जा रही हैं, लेकिन वह हर आरोप या टिप्पणी का जवाब देना जरूरी नहीं समझते।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी छवि बचाने के लिए उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी विशेष व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
सम्राट चौधरी से मुलाकात पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ भाई वीरेंद्र की हालिया मुलाकात और सामने आई तस्वीर के बाद राजनीतिक अटकलें शुरू हो गई थीं। इस पर RJD विधायक ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात का मकसद क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा करना था।
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक संकेत या दल बदलने की संभावना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। भाई वीरेंद्र के मुताबिक, जनप्रतिनिधि के तौर पर क्षेत्रीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना सामान्य प्रक्रिया है।
![]()
Comments are off for this post.