Last updated: August 12th, 2026 at 06:14 am

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के पुनर्वास को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा ने मंगलवार को DUSIB संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी। संशोधन के बाद 1 जनवरी 2025 से पहले अस्तित्व में आई झुग्गियों में रहने वाले पात्र परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा में चर्चा के दौरान कहा कि सरकार पात्र झुग्गीवासियों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के माध्यम से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पहले होगा व्यापक सर्वे, फिर तय होंगे लाभार्थी
सरकार के मुताबिक, पुनर्वास योजना लागू करने से पहले दिल्ली की झुग्गी बस्तियों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि किन परिवारों को योजना का लाभ मिल सकता है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि संशोधन का लाभ उन्हीं झुग्गी निवासियों को मिलेगा, जिनकी बस्ती 1 जनवरी 2025 से पहले मौजूद थी। पात्रता तय होने के बाद आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बस्तियों के आसपास घर देने की कोशिश
सरकार का कहना है कि पुनर्वास के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लोगों को उनकी मौजूदा बस्तियों के आसपास ही आवास मिल सके। इससे उनके रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जीवन पर अचानक असर पड़ने से बचाया जा सकेगा।
हालांकि, योजना को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। दिल्ली में झुग्गियों का आखिरी व्यापक सर्वे 2014-15 के दौरान हुआ था, जिसमें करीब 3.5 लाख झुग्गियों की पहचान की गई थी। इसके बाद का अद्यतन आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नया सर्वे सरकार के लिए अहम चरण होगा।
विधानसभा में AAP सरकार पर भी बरसीं मुख्यमंत्री
विधानसभा में CAG रिपोर्टों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अपने कार्यकाल में बड़ी संख्या में CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सब्सिडी, दिल्ली जल बोर्ड, यमुना सफाई और प्रदूषण नियंत्रण सहित कई क्षेत्रों में कथित अनियमितताओं का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है।
विधानसभा परिसर में निकली तिरंगा यात्रा
स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली विधानसभा परिसर में तिरंगा यात्रा का भी आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रियों और विभिन्न दलों के विधायकों ने हिस्सा लिया।
यात्रा महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंची। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने तिरंगा लेकर राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश दिया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक है।
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