Last updated: August 14th, 2026 at 04:10 pm

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय, रोजगार और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पीडीए वर्ग के लोगों को कथित तौर पर शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई देती है। उन्होंने प्रतापगढ़ में सौरभ विश्वकर्मा की कथित हत्या, बदायूं में एक डॉक्टर के साथ मारपीट और गोरखपुर में बिजली ठेकेदार की हत्या जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
‘धर्म और जाति देखकर मिल रहा न्याय’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में धर्म और जाति के आधार पर न्याय की स्थिति बन गई है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि थानों और अदालतों से जुड़े मामलों में आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने महंगाई और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता सरकार की नीतियों से परेशान है। अखिलेश ने पुलिस हिरासत में मौतों और कथित फर्जी मुठभेड़ों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाए
अखिलेश यादव ने युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं की हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने जमीनों पर कथित कब्जे और जमीन की खरीद-फरोख्त में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए अयोध्या का भी जिक्र किया।
आरक्षण और भर्ती को लेकर सरकार पर आरोप
सपा अध्यक्ष ने नौकरियों में पीडीए वर्ग के आरक्षण से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि आरक्षित वर्ग की 11,514 सीटों को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं और शिक्षित युवाओं को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। उन्होंने स्कूलों के बंद होने, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और जौहर अली विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर भी भाजपा सरकार को घेरा।
पर्यावरण और विकास परियोजनाओं पर सवाल
अखिलेश यादव ने मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस-वे निर्माण के नाम पर जंगलों को नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है।
‘जनता बदलाव चाहती है’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है और बदलाव चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने कहा कि छात्र, युवा और वंचित वर्ग संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण की रक्षा के मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता के हित में नीतियां लागू की जाएंगी।
हालांकि, अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार या संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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