Last updated: August 14th, 2026 at 04:31 pm

कॉमेडियन समय रैना को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामले में समय रैना और चार अन्य के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उस समय सुनाया, जब अदालत के सामने यह जानकारी रखी गई कि आरोपियों की ओर से दिव्यांग व्यक्तियों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उनके लिए सहायता एवं फंड जुटाने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। अदालत ने इन प्रयासों को भी अपने फैसले में ध्यान में रखा।
कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी मामले में वास्तविक और सकारात्मक प्रयास किए जाते हैं, तो उसके अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। अदालत ने समय रैना और अन्य आरोपियों की ओर से किए गए प्रयासों को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया।
हालांकि, अदालत ने इस पूरे मामले को केवल FIR रद्द करने तक सीमित नहीं रखा है। दिव्यांग व्यक्तियों की सुरक्षा, सम्मान और ऐसे ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी। अदालत इस संबंध में दिव्यांग समुदाय के सुझावों को भी महत्व देने की बात कह चुकी है।
पांच आरोपियों को राहत
इस फैसले से समय रैना के अलावा चार अन्य आरोपियों को भी राहत मिली है। इनमें विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर शामिल हैं। इनके खिलाफ ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े विवाद में आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे।
क्या था पूरा विवाद?
‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में दिव्यांग लोगों को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद समय रैना समेत शो से जुड़े कई कॉमेडियन और सोशल मीडिया हस्तियों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर शिकायतें और FIR दर्ज की गई थीं।
विवाद बढ़ने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने आरोपियों की गतिविधियों तथा मामले से जुड़े व्यापक सामाजिक पहलुओं पर भी संज्ञान लिया।
रणवीर इलाहाबादिया का मामला अभी लंबित
इस मामले में यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को अभी समय रैना जैसी अंतिम राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अदालत ने उन्हें पहले गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।
समय रैना और चार अन्य के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म होने के बाद अब इस मामले का अगला महत्वपूर्ण पहलू दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और उनके सम्मान की सुरक्षा के लिए अदालत की ओर से दिए जाने वाले संभावित दिशा-निर्देश होंगे।
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