Last updated: August 14th, 2026 at 04:27 pm

भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपनी मौजूदा स्थिति में किसी भी बदलाव से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते को लेकर भारत का रुख पहले की तरह ही कायम है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सिंधु जल संधि से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत का रुख पहले से स्पष्ट है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
सिंधु जल संधि पर भारत की स्थिति
विदेश मंत्रालय की ओर से दोहराया गया यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति के बीच जल समझौते को लेकर भी भारत और पाकिस्तान के रुख में अंतर देखने को मिला है।
भारत सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने रुख को स्पष्ट करती रही है। विदेश मंत्रालय के ताजा बयान में भी किसी नई नीति या बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।
अफगानिस्तान के साथ रिश्तों पर भी बयान
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने भारत और अफगानिस्तान के संबंधों को लेकर भी जानकारी दी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला जारी है।
उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान के कई मंत्री भारत का दौरा कर चुके हैं और अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल भी भारत आए हैं। इन संपर्कों के माध्यम से विकास, सहयोग, व्यापार और कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुराने संबंधों को मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को आगे और मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहता है।
इस तरह विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में एक ओर सिंधु जल संधि पर भारत की मौजूदा स्थिति को दोहराया गया, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने की प्रतिबद्धता भी सामने रखी गई।
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