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ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री पर पाकिस्तान की आपत्ति, आधी रात को जारी किया लंबा बयान

ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान की
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ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तुति और उसमें दिखाए गए घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं।

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    अहमद शरीफ ने मंगलवार देर रात करीब 2 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा बयान जारी किया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को तथ्यों की गंभीर प्रस्तुति के बजाय भावनात्मक कहानी और फिल्मी अंदाज में घटनाओं को पेश करने वाला बताया। उनका आरोप है कि इसमें चुनिंदा इंटरव्यू और घटनाओं के कुछ हिस्सों के आधार पर एक खास नैरेटिव तैयार किया गया है।

    क्या है डॉक्यूमेंट्री में?

    डिस्कवरी की डॉक्यूसीरीज ‘Declassified: Operation Sindoor’ का प्रीमियर 15 अगस्त को हुआ। इसमें ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू और अभियान से संबंधित घटनाओं को शामिल किया गया है। डॉक्यूमेंट्री में भारत की सैन्य कार्रवाई और इसके पीछे की परिस्थितियों को विस्तार से दिखाने की कोशिश की गई है।

    पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर

    ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत ने 7 मई 2025 को की थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

    ‘मरका-ए-हक’ का जिक्र कर पाकिस्तान ने रखा अपना पक्ष

    अपने बयान में अहमद शरीफ ने पाकिस्तान की ओर से सैन्य टकराव के लिए इस्तेमाल किए गए नाम ‘मरका-ए-हक’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई घटनाओं और सैन्य परिणामों को डॉक्यूमेंट्री में पाकिस्तान के नजरिए से अलग तरीके से पेश किया गया है।

    पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि वास्तविक स्थिति को समझने के लिए ऑपरेशनल रिकॉर्ड, उस दौरान हुई घटनाओं और दोनों देशों के बीच हुई बातचीत को आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भारत पर सैन्य कार्रवाई को बड़ी सफलता के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप भी लगाया।

    सैन्य नुकसान और घटनाक्रम को लेकर भी उठाए सवाल

    अहमद शरीफ ने कहा कि फिल्मी दृश्यों और भावनात्मक प्रस्तुति के जरिए वास्तविक घटनाक्रम और सैन्य नुकसान की तस्वीर नहीं बदली जा सकती। उन्होंने भारतीय सैन्य नेतृत्व के बयानों का हवाला देते हुए मिसाइल, ड्रोन और हवाई गतिविधियों का जिक्र किया और दावा किया कि इन घटनाओं को पाकिस्तान की पूरी हार के तौर पर पेश करना उचित नहीं है।

    पाकिस्तान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

    अपने बयान के अंत में अहमद शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर भविष्य में कोई सैन्य कार्रवाई की जाती है तो पाकिस्तान उसका जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

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