Last updated: August 26th, 2026 at 09:25 am

पटना: बिहार में BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती की मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। पटना के गर्दनीबाग में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की तैयारी की जा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि विद्यार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की जा रही है। इसके जरिए छात्र अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों और सरकार के सामने रख सकेंगे।
हर महीने शिक्षण संस्थानों में लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रत्येक महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विद्यार्थी अपनी शिकायत, सुझाव और अन्य समस्याएं अधिकारियों के सामने सीधे रख सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करना बताया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को अपनी शिकायतों की स्थिति जानने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
पोर्टल और हेल्पलाइन से भी दर्ज करा सकेंगे शिकायत
छात्रों की सुविधा के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन 1100 के जरिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की जानकारी दी है। छात्र ऑनलाइन अपनी समस्या दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति को भी ट्रैक कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों की हर बात सुनी जाए और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में समयबद्ध कार्रवाई हो।
TRE-4 को लेकर किन मांगों पर आंदोलन?
BPSC TRE-4 को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी 18 अगस्त से धरने पर हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से भर्ती प्रक्रिया में PT और Mains परीक्षा का प्रावधान, नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और 100 फीसदी डोमिसाइल नीति जैसी मांगें उठा रहे हैं।
मंगलवार को छात्रों की ओर से गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की तरफ मार्च निकालने की तैयारी की गई थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया।
जेपी गोलंबर और डाकबंगला पर सुरक्षा बढ़ी
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए जेपी गोलंबर पर पुलिस की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में CRPF के जवानों को भी लगाया गया है। वहीं, डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और लोहे की शील्ड की व्यवस्था की गई।
यह मार्च ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के अमन गुट की ओर से प्रस्तावित बताया गया है। हालांकि, कुछ अन्य छात्र नेताओं और संगठनों ने इससे दूरी बनाए रखी है।
आंदोलन के बीच सरकार की पहल
TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर आंदोलन और सरकार की ओर से शुरू की गई ‘विद्यार्थी सहयोग’ व्यवस्था के बीच अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के आश्वासन से सरकार और छात्रों के बीच संवाद की संभावना जरूर बनी है। आगे की स्थिति छात्र संगठनों और सरकार के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों पर लिए जाने वाले फैसलों से स्पष्ट होगी।
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