Last updated: August 27th, 2026 at 07:55 am

नेपाल में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बाद बिहार में बाढ़ की आशंका को लेकर बनी चिंता के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत की बात कही है। उन्होंने बताया कि राज्य में हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि, नेपाल की स्थिति और बिहार की नदियों के जलस्तर पर निगरानी लगातार जारी है।
बिहार में फिलहाल बड़ा खतरा नहीं
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, नेपाल में आई आपदा गंभीर चिंता का विषय जरूर है, लेकिन उसका बिहार पर फिलहाल वैसा व्यापक असर नहीं पड़ा है, जिसकी आशंका जताई जा रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और जरूरी तैयारियां पहले से की गई हैं।
नेपाल में भारी बारिश होने पर वहां से आने वाली नदियों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसी वजह से बिहार सरकार सीमावर्ती इलाकों और नदियों की स्थिति को लेकर सतर्क है।
PM और गृह मंत्री भी ले रहे हालात की जानकारी
सम्राट चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार भी बिहार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में बने हालात की भी जानकारी ले रहे हैं। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के जरिए संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन को परिस्थितियों के अनुसार तत्काल कदम उठाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि बारिश के कारण नदियों में पानी की मात्रा बढ़ी है और करीब एक लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। हालांकि, मौजूदा हालात में किसी बड़े खतरे की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आगे अत्यधिक बारिश नहीं होती है, तो स्थिति सामान्य बनी रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद नदियों के जलस्तर और मौसम में होने वाले बदलावों को लेकर निगरानी जारी रहेगी।
गंडक समेत कई नदियों पर नजर
नेपाल में बारिश के बाद गंडक समेत बिहार की कुछ नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके चलते पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण जैसे इलाकों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ी हुई है।
नदी के जलस्तर के साथ तटबंधों और संभावित जलजमाव वाले क्षेत्रों की भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि यदि अचानक पानी बढ़ता है तो प्रभावित इलाकों में समय रहते राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
अभी राहत, लेकिन सतर्कता जारी
फिलहाल बिहार में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और लोगों को तत्काल घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन मानसून के दौरान मौसम और नदियों के जलस्तर में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
सरकार की नजर खासतौर पर नेपाल से आने वाले पानी और सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर बाढ़ का खतरा कम या ज्यादा हो सकता है।
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