Last updated: August 29th, 2026 at 10:41 am

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे के साथ हुई इस घटना पर अब तक कार्रवाई नहीं होना गंभीर विषय है। राहुल गांधी ने संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
खरगे के साथ हुई घटना का राहुल ने किया जिक्र
राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि देश में दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच राजनीतिक संघर्ष चल रहा है। इसी दौरान उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे का जिक्र करते हुए दावा किया कि हल्द्वानी में उनके दौरे के बाद कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया था।
राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि ऐसी घटना को लेकर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि खरगे ने संसद में भी अपने अपमान का मुद्दा उठाया था, लेकिन अभी तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने मांग की कि कथित ‘शुद्धिकरण’ में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज की जाए। उनका कहना है कि यदि घटना में अनुसूचित जाति से जुड़े व्यक्ति के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार हुआ है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर खरगे को न्याय दिलाने की मांग की।
‘यह सिर्फ खरगे का नहीं, हर दलित का मुद्दा’
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को व्यापक सामाजिक मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का मामला नहीं है, बल्कि देश के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता के साथ सार्वजनिक रूप से इस तरह का व्यवहार किया जा सकता है, तो देश के आम दलित नागरिकों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए।
बीजेपी-RSS की विचारधारा पर निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में एक ओर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार पटेल की विचारधारा है, जबकि दूसरी ओर बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों के साथ सामाजिक भेदभाव आज भी कई जगह मौजूद है और इसे खत्म करने के लिए राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर संघर्ष जरूरी है।
प्रधानमंत्री से भी की कार्रवाई की अपील
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से भी इस मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि किसी भी नागरिक के साथ जातिगत भेदभाव या अपमान की स्थिति में कानून के मुताबिक कार्रवाई हो।
फिलहाल, खरगे से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है। राहुल गांधी की एफआईआर की मांग के बाद यह मामला एक बार फिर सियासी चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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