Last updated: August 29th, 2026 at 11:17 am

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में 31 वर्षीय MSc फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच, जवाबदेही तथा मृतक छात्र के परिवार के लिए मुआवजे समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच IIT दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी ने छात्रों को परिसर की सामान्य गतिविधियों में बाधा डालने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त को IIT दिल्ली परिसर में मौत हुई थी। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार वह कैंपस की एक इमारत की छठी मंजिल से नीचे गिर गए थे। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की है और घटना के कारणों की जांच जारी है।
घटना के बाद छात्रों में आक्रोश बढ़ गया और 24 अगस्त से परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शन में अलग-अलग विभागों के छात्र शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि वे मामले की स्वतंत्र जांच और संस्थान की ओर से जवाबदेही चाहते हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में छात्र कल्याण विभाग के डीन का इस्तीफा, घटना की स्वतंत्र जांच, मृतक छात्र के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन शामिल है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
विरोध प्रदर्शन कई दिनों तक जारी रहने के बाद गुरुवार रात स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारी छात्र कैंपस के आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच गए और फैकल्टी आवासों के बाहर भी प्रदर्शन किया। IIT दिल्ली प्रशासन ने इसे परिसर की सामान्य गतिविधियों में व्यवधान के रूप में देखा।
IIT दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने छात्रों को भेजे एक ईमेल में कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर ऐसे नारे लगाए गए जिन्हें प्रशासन ने आपत्तिजनक और धमकी भरा माना। उन्होंने कहा कि संस्थान परिसर, आवासीय क्षेत्रों, कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की चेतावनी के बावजूद छात्रों ने अपनी मांगों को दोहराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी बाहरी संगठन या व्यक्ति द्वारा संचालित नहीं किया जा रहा है। छात्रों के अनुसार, वे अपने साथी की मौत की परिस्थितियों को लेकर पारदर्शी जांच चाहते हैं और संस्थान से जवाब मांग रहे हैं।
इस मामले में IIT दिल्ली ने जांच के लिए बाहरी समिति भी गठित की है। संस्थान ने जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सेवानिवृत्त दिल्ली हाई कोर्ट न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली बाहरी जांच समिति को जिम्मेदारी दी है। समिति घटना से जुड़े परिस्थितियों और संस्थान से संबंधित पहलुओं की जांच करेगी।
दिल्ली पुलिस भी अपनी जांच कर रही है। पुलिस द्वारा दर्ज FIR में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला शामिल है। जांच में घटना से पहले की परिस्थितियों, छात्र से संबंधित उपलब्ध जानकारी और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने IIT दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी बहस तेज कर दी है। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि संस्थान को छात्रों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के एकजुट होने से IIT दिल्ली जैसे संस्थान में असामान्य स्थिति पैदा हुई है। कैंपस में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों को बनाए रखना और छात्रों की मांगों पर संवाद करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।
छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर प्रशासन परिसर में शांति और शैक्षणिक गतिविधियों को सामान्य बनाए रखना चाहता है, वहीं छात्र अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले में बाहरी जांच समिति की रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की प्रशासनिक या संस्थागत कमी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।
IIT दिल्ली परिसर में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का प्रदर्शन जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि परिसर की सामान्य गतिविधियों में बाधा डालने पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
IIT दिल्ली में 31 वर्षीय MSc फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। छात्र स्वतंत्र जांच, जवाबदेही और मृतक के परिवार के लिए मुआवजे सहित कई मांगें उठा रहे हैं। दूसरी ओर, IIT दिल्ली निदेशक ने प्रदर्शन के दौरान परिसर की सामान्य गतिविधियों में बाधा डालने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। मामले की पुलिस जांच के साथ बाहरी समिति की जांच भी जारी है।
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