Last updated: August 31st, 2026 at 07:09 pm

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी ठिकानों पर हुए कथित ईरानी मिसाइल हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसे “असफल राष्ट्र” तक करार दिया और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का जवाब देने की चेतावनी दी।
ट्रंप ने ईरान को बताया ‘फेल्ड नेशन’
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और उसकी सरकारी व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के सामने महंगाई, मुद्रा में गिरावट और आर्थिक दबाव जैसी कई बड़ी चुनौतियां हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की मौजूदा स्थिति के लिए वहां का नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव का भी जिक्र किया।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले का जवाब देने की चेतावनी
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कथित मिसाइल हमले के बाद ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना को निशाना बनाया गया तो अमेरिका इसका जवाब देगा और ईरान पर जोरदार कार्रवाई की जा सकती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की ओर से कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का दावा किया गया है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि अधिकांश मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया, जबकि एक मिसाइल को गुजरने दिया गया क्योंकि उससे किसी लक्ष्य को नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं थी।
सैन्य तनाव के बीच बातचीत की गुंजाइश भी
सख्त बयानबाजी के बावजूद ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत की कुछ गुंजाइश अभी भी बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने ईरानी नेतृत्व के साथ किसी समझौते पर भरोसा करने को लेकर संदेह भी जताया।
ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने का दावा
इस बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल निर्यात में कमी का असर बढ़ने की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गई है।
अमेरिकी सूत्रों ने दावा किया है कि ईरान की आर्थिक परेशानियां बढ़ने से देश में सामाजिक असंतोष का खतरा भी पैदा हो सकता है। हालांकि, तेहरान की ओर से फिलहाल अमेरिका के साथ समझौते या अपनी मौजूदा नीति में बदलाव के स्पष्ट संकेत नहीं दिए गए हैं।
हॉर्मुज को लेकर भी बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई का भी दावा किया गया है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई उन गतिविधियों को रोकने के लिए की गई थी जिनमें हॉर्मुज क्षेत्र में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का खतरा बढ़ गया है। एक ओर ट्रंप लगातार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बातचीत की संभावना भी खुली रखी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव किस दिशा में जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है।
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