Last updated: August 31st, 2026 at 07:13 pm

वंदे मातरम्, समान नागरिक संहिता (UCC), धार्मिक स्वतंत्रता और शरिया कानून जैसे मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष अब्दुर रहीम मुजद्दिदी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘सेव इंडिया, सेव शरिया’ अभियान की घोषणा की। बोर्ड के मुताबिक, अभियान का पहला कार्यक्रम 17 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाएगा।
संविधान और धार्मिक अधिकारों का मुद्दा उठाएगा बोर्ड
AIMPLB का कहना है कि संविधान नागरिकों को समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। बोर्ड ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसी नीतियों और घटनाओं को लेकर मुस्लिम समुदाय समेत अन्य वर्गों में भी चिंता बढ़ी है।
बोर्ड के पदाधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को उठाना नहीं है, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्याय, समानता और सामाजिक सद्भाव जैसे विषयों पर भी जनजागरूकता पैदा करना है।
UCC और वंदे मातरम् को लेकर आपत्ति
अभियान में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन और वंदे मातरम् के अनिवार्य गायन जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। इसके साथ धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवाल भी उठाए जाएंगे।
बोर्ड के मुताबिक, भीड़ हिंसा, घृणा और कानून से इतर कार्रवाई के खिलाफ भी लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। संगठन ने शांति, भाईचारे और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देने की बात कही है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में होंगे कार्यक्रम
AIMPLB ने अभियान को चरणबद्ध तरीके से देशभर में आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। प्रमुख शहरों में संवैधानिक और शांतिपूर्ण जनसभाएं तथा विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
बोर्ड के अनुसार, अभियान में बुद्धिजीवियों, वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिक समाज के लोगों को भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
श्वेत पत्र और कानूनी गाइड जारी करने की तैयारी
अभियान के तहत बोर्ड एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की भी तैयारी कर रहा है। इसमें संगठन के अनुसार भेदभाव, संवैधानिक अधिकारों और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
इसके अलावा नागरिक अधिकारों और अभियान से जुड़े कानूनी मुद्दों पर एक कानूनी मार्गदर्शिका जारी करने की योजना है। विभिन्न राज्यों में राज्यपालों और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र सौंपने की भी बात कही गई है।
सोशल मीडिया के जरिए भी चलेगा अभियान
AIMPLB ने बताया कि अभियान को सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा। संगठन का कहना है कि पूरी मुहिम संवैधानिक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित की जाएगी।
आगे चलकर नई दिल्ली में एक बड़ी राष्ट्रीय सभा और जन प्रदर्शन आयोजित करने की भी योजना है। इस कार्यक्रम में अभियान की अगली रणनीति को लेकर जानकारी दी जा सकती है।
![]()
Comments are off for this post.