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तेज प्रताप यादव ने लगाया धमकी और ब्लैकमेलिंग का आरोप, वीडियो वायरल करने के नाम पर पैसे मांगने का दावा

पटना: जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुद को धमकी दिए
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पटना: जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने खुद को धमकी दिए जाने और ब्लैकमेल करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि एक व्यक्ति ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी और वीडियो वायरल करने की बात कहकर पैसों की मांग की।

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    मीडिया हाउस से जुड़े होने का किया दावा

    तेज प्रताप यादव के मुताबिक, दोपहर करीब 3:11 बजे उन्हें एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। उनका आरोप है कि फोन करने वाले ने खुद को एक मीडिया हाउस से जुड़ा व्यक्ति बताया और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। तेज प्रताप ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और कथित तौर पर पैसे मांगकर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया।

    पार्टी के अन्य लोगों को भी फोन करने का आरोप

    तेज प्रताप यादव ने कहा कि मामला सिर्फ उनकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी से जुड़े कुछ अन्य लोगों को भी फोन कर परेशान करने, धमकाने और वीडियो वायरल करने की बात कहकर पैसे मांगने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने सरकार और संबंधित प्रशासन से मोबाइल नंबर की जांच कर कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने तथा कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अपने और पार्टी से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

    तीन दिन पहले भी उठाया था सुरक्षा का मुद्दा

    धमकी के इस दावे के बीच तेज प्रताप यादव की सुरक्षा को लेकर पहले से चल रही चिंता भी फिर सामने आ गई है। 30 अगस्त को उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। तेज प्रताप ने कहा था कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी प्रभावित हो रही है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

    जून में वापस ली गई थी Y श्रेणी की सुरक्षा

    तेज प्रताप यादव को मिली Y श्रेणी की सुरक्षा इसी वर्ष जून में वापस ले ली गई थी। फिलहाल पूर्व विधायक के तौर पर उन्हें एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। अब धमकी, ब्लैकमेलिंग और पैसे की कथित मांग के उनके आरोप के बाद एक बार फिर उनकी सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है। मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

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