Last updated: September 4th, 2026 at 03:41 pm

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार, 4 सितंबर को दिल्ली के कई इलाकों में भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। राजधानी के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर यातायात नियंत्रण, डायवर्जन और विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने मार्ग की स्थिति की जानकारी लें और जहां संभव हो, प्रभावित इलाकों से बचकर निकलें।
जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजनों में पूर्वी दिल्ली के कैलाश क्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर का कार्यक्रम भी शामिल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही इस इलाके में संभावित भीड़ और जाम को लेकर एडवाइजरी जारी की थी। मंदिर के आसपास यातायात को नियंत्रित करने के लिए राजा धीर सेन मार्ग की एक कैरिजवे को बंद रखने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था 2 सितंबर से शुरू होकर धार्मिक कार्यक्रम समाप्त होने तक जारी रहने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार, इस्कॉन मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ वाहनों की आवाजाही पर भी दबाव बढ़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे मंदिर के आसपास के मार्गों पर अनावश्यक रूप से वाहन न ले जाएं। यातायात पुलिस की ओर से लगाए गए डायवर्जन और संकेतों का पालन करने को कहा गया है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात को नियंत्रित करेंगे और जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जा सकता है।
जन्माष्टमी के मौके पर मध्य दिल्ली में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर यानी बिरला मंदिर के आसपास भी सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व्यवस्था निर्धारित की गई है। मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए मंदिर मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिसे कालीबाड़ी मार्ग या पेशवा रोड की तरफ से लिया जा सकता है। श्रद्धालुओं के लिए जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था भी मंदिर के आसपास निर्धारित स्थानों पर की गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से विशेष रूप से अपील की है कि वे धार्मिक स्थलों के आसपास वाहन खड़ा करने से बचें। बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क के किनारे अवैध पार्किंग से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए निर्धारित पार्किंग स्थानों का इस्तेमाल करने और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
जन्माष्टमी के दौरान दिल्ली में केवल मंदिरों के आसपास ही नहीं, बल्कि कई अन्य हिस्सों में भी स्थानीय धार्मिक कार्यक्रम और शोभायात्राएं आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में कुछ सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। पुलिस ने यात्रियों से पर्याप्त समय लेकर निकलने और यात्रा की योजना पहले से बनाने को कहा है।
दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी का उद्देश्य त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और सामान्य यातायात दोनों को सुरक्षित बनाए रखना है। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ सड़कों पर आने की स्थिति में पैदल यात्रियों और वाहनों के बीच टकराव का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पुलिस द्वारा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जा रही है।
राजधानी में जन्माष्टमी के धार्मिक कार्यक्रमों को देखते हुए दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को भी अपने सफर की योजना बनाते समय इन बदलावों का ध्यान रखना होगा। खासकर मंदिरों और प्रमुख आयोजन स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे स्थानीय ट्रैफिक अपडेट देखते रहें। सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर मेट्रो का इस्तेमाल करने से कुछ यात्रियों को सड़क पर संभावित जाम से बचने में मदद मिल सकती है।
जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली में श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई इलाकों में विशेष व्यवस्था की है। इस्कॉन मंदिर, बिरला मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करने और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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