Last updated: September 5th, 2026 at 12:20 pm

भारतीय पावरलिफ्टर केया बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया, लेकिन इस उपलब्धि के बाद उन्हें सोशल मीडिया के एक परेशान करने वाले अनुभव से गुजरना पड़ा। केया ने बताया कि उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया और उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए गए।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
21 वर्षीय केया बनर्जी ने अगस्त में दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में आयोजित IPF वर्ल्ड सब-जूनियर एंड जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।
जूनियर महिला 47 किलोग्राम वर्ग के डेडलिफ्ट मुकाबले में केया ने 140 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। उनका कुल स्कोर 280 किलोग्राम रहा, जिसमें स्क्वाट में 90 किलोग्राम और बेंच प्रेस में 50 किलोग्राम शामिल था।
यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास रही, लेकिन मेडल जीतने के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ी पहचान उनके लिए परेशानी का कारण भी बन गई।
AI से बनाई गईं कथित फर्जी तस्वीरें
केया ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें ऑनलाइन यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनके नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए और उनकी जातीयता, वंश तथा जाति को लेकर आपत्तिजनक चर्चाएं की गईं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके चेहरे और शरीर का इस्तेमाल करके कई AI जनरेटेड और मॉर्फ की गई तस्वीरें बनाई गईं। केया के मुताबिक, सुबह सोशल मीडिया फीड में ऐसी तस्वीरें देखना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला अनुभव था।
निजी जिंदगी को लेकर सतर्क रहती हैं केया
केया ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर अपनी निजी जिंदगी की तस्वीरें ज्यादा साझा नहीं करतीं। उनका कहना है कि पुराने इंस्टाग्राम अकाउंट को फॉलो करने वाले लोग भी जानते होंगे कि वह वहां बहुत कम तस्वीरें पोस्ट करती थीं। उन्होंने बताया कि उनका पुराना इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होने के बाद तनाव और बढ़ गया। इसके बाद उन्हें नया अकाउंट बनाना पड़ा।
उपलब्धियों को साझा करने के लिए बनाया नया अकाउंट
केया के अनुसार, वह अपने खेल और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय होना उनके लिए जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन को निजी रखना पसंद करती हैं, फिर भी अपनी खेल यात्रा साझा करने के लिए उन्हें नया अकाउंट सार्वजनिक करना पड़ा।
केया की कहानी एक ओर भारतीय खेल जगत में उनकी उपलब्धि को दिखाती है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर महिला खिलाड़ियों की तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल जैसी गंभीर समस्या को भी सामने लाती है।
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