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तेघड़ा में BJP विधायक की वायरल तस्वीर पर सियासत तेज, रोहिणी आचार्य ने सरकार पर उठाए सवालaxz

बिहार के बेगूसराय जिले के तेघड़ा अनुमंडल कार्यालय में हुई बाढ़ समीक्षा बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा
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बिहार के बेगूसराय जिले के तेघड़ा अनुमंडल कार्यालय में हुई बाढ़ समीक्षा बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। तस्वीर में केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह के साथ तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार नजर आ रहे हैं। हालांकि, चर्चा विधायक के उस कुर्सी पर बैठने को लेकर है, जिसे लोग SDM की कुर्सी बता रहे हैं।

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    बाढ़ समीक्षा बैठक में मौजूद थे अधिकारी

    6 सितंबर को तेघड़ा अनुमंडल कार्यालय में बाढ़ की स्थिति और राहत व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में गिरिराज सिंह ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली। इस दौरान तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार, बछवाड़ा विधायक सुरेंद्र मेहता, SDM नीरज कुमार सिन्हा, SDPO कृष्ण कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में बाढ़ प्रभावित इलाकों की निगरानी, जरूरत वाले क्षेत्रों में कम्युनिटी किचेन, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा मेडिकल कैंप से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की गई। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

    वायरल तस्वीर ने खड़ा किया सवाल

    बैठक के बाद सामने आई तस्वीर में विधायक रजनीश कुमार जिस कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं, उसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।

    हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विधायक के कथित तौर पर SDM की कुर्सी पर बैठने को लेकर प्रशासन की ओर से किसी विवाद, शिकायत या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया चर्चा तक ही सीमित दिखाई देता है।

    रोहिणी आचार्य ने सरकार को घेरा

    वायरल तस्वीर को लेकर राजद नेता रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को नियम और प्रोटोकॉल की अनदेखी की छूट मिल रही है।

    रोहिणी आचार्य ने इसे प्रशासनिक मर्यादा और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच निर्धारित सीमाओं का पालन होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

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