Last updated: September 8th, 2026 at 12:39 pm

NEW DELHI: बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। भाटिया ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
गौरव भाटिया ने कहा- फैसला अदालत में होगा
गौरव भाटिया ने अपने पोस्ट में कहा कि जब आरोपों की सीमा पार होती है तो कानून हस्तक्षेप करता है। उन्होंने कहा कि मामले में सोशल मीडिया पर बहस या बयानबाजी के बजाय तथ्यों और सबूतों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के जरिए सच्चाई सामने आएगी।
भाटिया के मुताबिक, मानहानि का मामला 9 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस मामले का फैसला अदालत में होना चाहिए।
5 सितंबर से शुरू हुआ था विवाद
गौरव भाटिया और सौरव दास के बीच विवाद की शुरुआत 5 सितंबर को एक्स पर हुई थी। सौरव दास ने भाटिया की तस्वीर वाली एक ग्राफिक्स पोस्ट की थी, जिसमें उनके हवाले से स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी लिखी गई थी। इसी तरह की सामग्री आशुतोष रांका की ओर से भी साझा किए जाने का दावा किया गया।
भाटिया ने इन पोस्ट को फर्जी बताते हुए दोनों से सामग्री हटाने और बिना शर्त माफी मांगने को कहा था। उन्होंने इसके लिए 24 घंटे की समयसीमा भी दी थी।
पोस्ट हटे, लेकिन माफी पर विवाद जारी
सौरव दास ने बाद में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि संबंधित ग्राफिक्स AI की मदद से बनाया गया था। उन्होंने पोस्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर बीजेपी नेताओं को सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने की चुनौती भी दी।
इसके बाद सौरव दास ने संबंधित पोस्ट हटा दिए, लेकिन गौरव भाटिया के मुताबिक बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई। भाटिया ने कहा था कि पोस्ट हटाना पर्याप्त नहीं है और माफी नहीं मांगे जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्र भारद्वाज मामले से जुड़ा है विवाद
पूरा विवाद स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले के बाद सामने आया। CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इसी मामले से जुड़े बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सौरव दास, आशुतोष रांका और गौरव भाटिया के बीच विवाद बढ़ा। अब मामला मानहानि के मुकदमे तक पहुंच गया है और आगे की कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट में होगी।
![]()
Comments are off for this post.