Human Live Media

HomeNewsसत्य निकेतन हादसे के बाद PG संचालक गिरफ्तार, MCD के 5 अधिकारी निलंबित; दिल्ली में सुरक्षा जांच तेज

सत्य निकेतन हादसे के बाद PG संचालक गिरफ्तार, MCD के 5 अधिकारी निलंबित; दिल्ली में सुरक्षा जांच तेज

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक और
6a9e93ec60a17-satyaniketan-073727332-16×9

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हादसे से जुड़े PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और उसमें चल रहे निर्माण कार्यों में किस स्तर पर लापरवाही हुई।

Table of Contents

     

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सुधांशु और एक अन्य व्यक्ति शुभम त्यागी ने अगस्त 2025 में इस इमारत को लीज पर लिया था। दोनों यहां ‘होस्टल डेज’ नाम से PG चला रहे थे। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तहत इलाके में कई अन्य PG सुविधाएं भी संचालित की जा रही थीं। पुलिस अब इन दूसरी संपत्तियों की भूमिका और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर सकती है। शुभम त्यागी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।

     

    जिस इमारत में हादसा हुआ, उसमें छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई थी। पुलिस के अनुसार PG संचालक सुधांशु अगस्त 2025 से इस संपत्ति के संचालन, रखरखाव और वहां किए जा रहे मरम्मत एवं निर्माण कार्यों की देखरेख से जुड़ा था। हादसे से पहले इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि निर्माण या मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

     

    पुलिस की जांच में बेसमेंट में चल रहे काम को हादसे के संभावित कारणों में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान बेसमेंट में कई दिनों से मलबा और कचरा जमा था और वहां मरम्मत का काम किया जा रहा था। ग्राउंड फ्लोर पर भी व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने से संबंधित काम चलने की बात सामने आई है। हालांकि, इमारत गिरने की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

     

    इस मामले में इससे पहले इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा निर्माण कार्य की निगरानी से जुड़े श्रमिक ठेकेदार को भी पुलिस ने पकड़ा है। सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस अब फरार PG संचालक शुभम त्यागी की तलाश कर रही है।

     

    हादसे के बाद नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, MCD ने मामले के संबंध में पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। साथ ही राजधानी में जर्जर और अवैध निर्माण वाली इमारतों की पहचान के लिए व्यापक जांच शुरू की गई है। PG और हॉस्टल परिसरों की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण की अनुमति और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।

     

    सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। कई इलाकों में नगर निगम की टीमें ऐसे भवनों की जांच और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही हैं। प्रशासन का फोकस उन इमारतों पर है जहां बिना अनुमति निर्माण हुआ है या जिनकी संरचना को खतरनाक माना जा रहा है।

     

    हादसे के बाद PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। दिल्ली सरकार अब PG और निजी हॉस्टल को नियमित करने के लिए नई नीति पर काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में PG के लिए लाइसेंस, पुलिस क्लीयरेंस और संरचनात्मक तथा अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रमाणपत्र जरूरी किए जा सकते हैं। प्रत्येक पंजीकृत PG को एक अलग नंबर देने और उसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने की योजना भी सामने आई है।

     

     

    Loading

    Comments are off for this post.