Last updated: September 14th, 2026 at 12:29 pm

दिल्ली में रविवार को आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के स्वरूप नगर में एक फैक्टरी-कम-गोदाम में आग लगने के बाद आसपास की इमारत में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घबराहट में महिलाओं और बच्चों समेत छह लोगों ने इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। दूसरी घटना पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा इलाके में हुई, जहां लकड़ी का सामान रखने वाले एक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग बुझाने के दौरान धुआं inhal करने से एक दमकल अधिकारी को अस्पताल ले जाना पड़ा।
स्वरूप नगर में आग रविवार सुबह करीब 11 बजे एक फैक्टरी-कम-गोदाम में लगी। यहां जूडो की ड्रेस और बॉक्सिंग ग्लव्स बनाए जाते थे। दिल्ली दमकल सेवा को सुबह करीब 11:05 बजे आग की सूचना मिली, जिसके बाद 15 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। आग फैक्टरी के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गई थी। अधिकारियों के अनुसार, परिसर के अंदर उस समय कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
आग की लपटें और धुआं देखकर पास की इमारत में रहने वाले लोगों में अचानक दहशत फैल गई। बचने की कोशिश में छह लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया और पुलिस के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने में मदद करने की कोशिश की। घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें लोग खिड़की से नीचे कूदते दिखाई दे रहे हैं।
दमकल कर्मियों ने करीब दोपहर 1:50 बजे तक आग पर काबू पा लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार फैक्टरी में जूडो ड्रेस और बॉक्सिंग ग्लव्स के अलावा रेक्सिन का कचरा और कॉटन वेबिंग जैसी सामग्री भी रखी थी। आग लगने के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग घटना की परिस्थितियों तथा संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
इसी दिन दूसरी बड़ी आग पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा इलाके में लकड़ी के सामान रखने वाले एक गोदाम में लगी। दिल्ली दमकल सेवा को दोपहर करीब 3:29 बजे आग की सूचना मिली। आग की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 16 से 25 दमकल गाड़ियों की तैनाती की गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी।
दल्लूपुरा में आग बुझाने के अभियान के दौरान स्टेशन ऑफिसर सुनील सागर धुएं की चपेट में आ गए। उन्हें कैट्स एंबुलेंस से लोकनायक अस्पताल यानी LBS Hospital ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें धुआं सांस के जरिए अंदर जाने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की तत्काल सूचना नहीं थी।
आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने एक ऐसे व्यक्ति के लापता होने की आशंका भी जताई, जो कथित तौर पर गोदाम में काम करता था। अधिकारियों ने मौके पर तलाशी और बचाव अभियान चलाया ताकि यह पता लगाया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है। हालांकि, शुरुआती आधिकारिक जानकारी में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने या मौत की पुष्टि नहीं की गई थी। आग के वास्तविक कारण का भी तत्काल पता नहीं चल सका।
एक ही दिन दिल्ली के दो अलग-अलग हिस्सों में आग की घटनाओं ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर स्वरूप नगर की घटना में आग सीधे लोगों को अपनी चपेट में लेने के बजाय उससे पैदा हुई घबराहट के कारण छह लोग घायल हुए। वहीं दल्लूपुरा की घटना में दमकलकर्मियों को लंबे समय तक अभियान चलाना पड़ा। दोनों मामलों में आग के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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