Last updated: September 15th, 2026 at 04:11 pm

उत्तर प्रदेश के बहराइच और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड के बीच करीब 56 किलोमीटर लंबे पुराने रेलखंड को ब्रॉडगेज में बदलने और उसका विद्युतीकरण करने का काम पूरा कर लिया गया है। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
इस रेलखंड का इतिहास करीब 140 साल पुराना है। इसे मूल रूप से 1886 में बनाया गया था और लंबे समय तक यह मीटरगेज लाइन के रूप में संचालित होता रहा। अब इसे ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने और विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के बीच रेल संपर्क मजबूत हुआ है।
परियोजना के तहत 56.15 किलोमीटर लंबे रेलखंड को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने के साथ इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। इससे इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हुआ है। रेलवे के व्यापक नेटवर्क से जुड़ने के कारण यात्रियों को आगे दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रेल मंत्रालय ने इस क्षेत्र की यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इनमें वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस और गोंडा-बहराइच की दो ट्रेन सेवाएं शामिल हैं। इससे नेपालगंज रोड और आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों की ओर बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा।
इस परियोजना का महत्व केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं माना जा रहा है। बहराइच और नानपारा का क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा के करीब स्थित है और नेपालगंज रोड के जरिए दोनों देशों के बीच आवाजाही होती है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और पर्यटन के लिए आने-जाने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सीमावर्ती क्षेत्र में बेहतर परिवहन व्यवस्था स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़े शहरों तक पहुंच आसान होने से बाजार का दायरा बढ़ सकता है। वहीं नेपाल सीमा के आसपास रहने वाले लोगों को इलाज, शिक्षा और रोजगार के लिए गोंडा, गोरखपुर या वाराणसी जैसे शहरों तक जाने के लिए अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिलेंगे।
रेल कनेक्टिविटी में यह सुधार बहराइच और आसपास के इलाकों में पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है। बेहतर रेल संपर्क से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की संभावना है। इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से जुड़े पर्यटन और व्यापारिक आवागमन को भी इससे फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस परियोजना के उद्घाटन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्षेत्र में बेहतर रेल संपर्क को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में नेपाल में आई हालिया बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में दो मिनट का मौन भी रखा गया।
रेलवे के इस अपग्रेड के साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ब्रॉडगेज लाइन और विद्युतीकरण के बाद अब इस मार्ग को देश के बड़े रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ने की क्षमता बढ़ी है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में यात्री सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए यह रेल संपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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