Last updated: September 15th, 2026 at 04:13 pm

दिल्ली में मंगलवार को कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। अलग-अलग स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकी भेजे जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। संबंधित परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने धमकी की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों की जांच शुरू की, हालांकि शुरुआती जांच में किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई।
धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा गया। स्कूल परिसर, कक्षाओं, गलियारों और आसपास के हिस्सों की जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी देखा कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु तो नहीं रखी गई है। इस तरह की धमकी मिलने पर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे परिसर की जांच करना जरूरी होता है।
पुलिस की शुरुआती जांच में ईमेल के स्रोत और उसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल से जुड़े तकनीकी विवरणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदेश वास्तव में किसी खतरे से जुड़ा था या केवल लोगों में डर पैदा करने के लिए भेजा गया था। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले धमकी को फर्जी घोषित करना भी उचित नहीं माना जा रहा है।
घटना के बाद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ गई। कई माता-पिता ने सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन और पुलिस से जानकारी मांगी। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की जांच के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई। स्कूल प्रबंधन को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए।
दिल्ली में इससे पहले भी स्कूलों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को ईमेल या अन्य माध्यमों से बम धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे मामलों में अक्सर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और बम निरोधक दस्ते जांच के लिए लगाए जाते हैं। कई बार जांच के बाद धमकी अफवाह या फर्जी साबित होती है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर मामले को गंभीरता से लेती हैं क्योंकि वास्तविक खतरे की संभावना को शुरुआती स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस मामले में भी पुलिस ने धमकी वाले ईमेल की सामग्री और उससे जुड़े डिजिटल संकेतों को जांच का हिस्सा बनाया है। ईमेल किस आईपी एड्रेस या डिजिटल माध्यम से भेजा गया, उसका स्रोत कहां है और क्या एक ही व्यक्ति या समूह ने अलग-अलग स्कूलों को संदेश भेजे, जैसे सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। यदि जांच में किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
स्कूलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही संवेदनशील है। दिल्ली में बड़ी संख्या में स्कूल घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित हैं और किसी भी सुरक्षा अलर्ट का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है। इसी कारण धमकी मिलने के बाद सुरक्षा जांच पूरी होने तक अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी स्कूल में विस्फोट होने या किसी व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से ईमेल की विश्वसनीयता तथा उसके पीछे की मंशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से भी अपील की जा रही है कि वे बिना पुष्टि के किसी अफवाह पर भरोसा न करें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
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