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मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली HC ने मांगी रिपोर्ट, मालिक की अंतरिम जमानत पर सुनवाई जारी

    दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट
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    दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने जेल में बंद होटल मालिक लोवकेश बजाज की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। बजाज ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की है। अदालत ने अस्पताल प्रशासन को बुधवार तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

     

    यह मामला दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ नाम के पांच मंजिला बीएंडबी में 3 जून को लगी आग से जुड़ा है। इस घटना में 23 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 24 अन्य लोग घायल हुए थे। आग के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन की अनुमति और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

     

    होटल मालिक लोवकेश बजाज फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसने हाई कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दाखिल करते हुए अपनी स्वास्थ्य स्थिति को गंभीर बताया है। याचिका में पेट से जुड़ी गंभीर समस्या और आंतों में रुकावट जैसी परेशानियों का उल्लेख किया गया है। उसके अनुसार, उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसे लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत है।

     

    सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उसकी मौजूदा मेडिकल स्थिति की जानकारी लेने के लिए आरएमएल अस्पताल से व्यापक रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट में उसकी बीमारी, उपचार, वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता जैसी जानकारी महत्वपूर्ण होगी। अदालत इसी रिपोर्ट के आधार पर उसकी अंतरिम जमानत की मांग पर आगे विचार करेगी।

     

    इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 3 सितंबर को बजाज की मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत की मांग खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने माना था कि आरोपी को जेल में रहते हुए आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा था कि उसकी बताई गई मेडिकल समस्या के लिए आरएमएल अस्पताल में सर्जरी की जा चुकी है। इसके बाद बजाज ने हाई कोर्ट का रुख किया।

     

    मामले की जांच में दिल्ली पुलिस ने होटल के संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, जिस इमारत में यह बीएंडबी चल रहा था, उसमें 26 कमरे थे, जबकि बीएंडबी नियमों के तहत केवल छह कमरों की अनुमति थी। पुलिस का आरोप है कि संपत्ति के लिए होटल लाइसेंस का आवेदन किया गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली क्योंकि इमारत में केवल एक प्रवेश और निकास मार्ग था तथा अलग फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी।

     

    पुलिस के अनुसार, लाइसेंस नहीं मिलने के बाद भी प्रतिष्ठान को बीएंडबी के रूप में संचालित किया जाता रहा। इसी कारण अग्नि सुरक्षा और भवन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के उल्लंघन की जांच की गई। इस मामले में बजाज के अलावा मैनेजर-कम-अकाउंटेंट जय मिश्रा और कुक केशव नेगी को भी आरोपी बनाया गया है।

     

    3 जून की आग ने दिल्ली में छोटे होटल, गेस्ट हाउस और बीएंडबी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक सवाल खड़े किए थे। खास तौर पर आग से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ते, अग्निशमन व्यवस्था और भवन में स्वीकृत क्षमता से अधिक कमरों के इस्तेमाल जैसे मुद्दे जांच के केंद्र में रहे हैं।

     

    हाई कोर्ट का ध्यान सबसे पहले होटल मालिक की स्वास्थ्य स्थिति पर है। आरएमएल अस्पताल की रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत यह तय करेगी कि बजाज को अंतरिम जमानत देने का आधार बनता है या नहीं। दूसरी ओर, आग से जुड़े मुख्य आपराधिक मामले की सुनवाई और जांच अपनी प्रक्रिया के अनुसार आगे जारी रहेगी।

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