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दिल्ली के कालकाजी फ्लाईओवर की रैंप तोड़ने का काम शुरू, 500 मीटर हिस्से में भारी जाम

  दक्षिण दिल्ली में कालकाजी फ्लाईओवर के एक हिस्से को तोड़ने का काम शुरू होने के बाद सोमवार से इलाके
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    दक्षिण दिल्ली में कालकाजी फ्लाईओवर के एक हिस्से को तोड़ने का काम शुरू होने के बाद सोमवार से इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से कालकाजी फ्लाईओवर की रैंप का एक बड़ा हिस्सा हटाया जा रहा है। यह काम मोदी मिल-सावित्री फ्लाईओवर परियोजना का हिस्सा है। निर्माण गतिविधियों के कारण आउटर रिंग रोड और आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई है।

     

    रिपोर्ट के अनुसार, आउटर रिंग रोड और मां आनंदमयी मार्ग के जंक्शन पर करीब 500 मीटर के हिस्से में खुदाई का काम चल रहा है। इस क्षेत्र से गुजरने में सामान्य समय की तुलना में काफी ज्यादा समय लग रहा है। पीक ऑवर के दौरान यातायात लगभग रेंगता हुआ दिखाई दिया और वाहनों की लंबी कतारें बनने की स्थिति सामने आई।

     

    PWD अधिकारियों के अनुसार कालकाजी फ्लाईओवर का केवल रैंप वाला हिस्सा हटाया जा रहा है। फ्लाईओवर के मुख्य वायाडक्ट हिस्से को तोड़ने की योजना नहीं है। प्रस्तावित परियोजना के तहत मोदी मिल रेलवे ओवरब्रिज से कालकाजी तक एक लगातार ऊंचा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा संरचना में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

     

    निर्माण एजेंसी ने मोदी मिल की ओर से पिलर बनाने के लिए खुदाई भी शुरू कर दी है। काम वाले हिस्से में बैरिकेडिंग की गई है, जिससे सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो गई है। इसके कारण सामान्य यातायात के लिए उपलब्ध जगह घटने से जाम की समस्या बढ़ गई है। कालकाजी मंदिर, नेहरू एन्क्लेव और मोदी मिल की तरफ जाने वाले मार्गों पर इसका असर विशेष रूप से देखा जा रहा है।

     

    निर्माण क्षेत्र के आसपास पहले से मौजूद कुछ समस्याएं भी यातायात को प्रभावित कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक बस स्टॉप, फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियां और कुछ हिस्सों में खराब सड़क तथा गहरे गड्ढे भी इसी क्षेत्र में हैं। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल होने वाली लोटस टेंपल के आसपास की आंतरिक सड़क पर भी गड्ढों की समस्या बताई गई है। इससे वैकल्पिक रास्तों पर भी वाहनों की गति प्रभावित हो रही है।

     

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पहले ही इस कॉरिडोर को लेकर कई यातायात सलाह जारी कर चुकी है। अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा की योजना पहले बनाने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है। ट्रैफिक पुलिस ने निर्माण स्थल पर PWD से 8 से 10 ट्रैफिक मार्शल तैनात करने को भी कहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित किया जा सके।

     

    मोदी मिल और सावित्री फ्लाईओवर से जुड़ी परियोजनाओं को संयुक्त रूप से लगभग 412 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 150 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है। परियोजना का उद्देश्य दक्षिण दिल्ली के महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात दबाव कम करना और आउटर रिंग रोड पर आवागमन को अधिक सुगम बनाना है।

     

    योजना के तहत मौजूदा एकतरफा सावित्री सिनेमा और कालकाजी फ्लाईओवर को दो-दो लेन वाले कॉरिडोर के रूप में विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही मोदी मिल फ्लाईओवर से कालकाजी तक अतिरिक्त ऊंचा मार्ग तैयार किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद चितरंजन पार्क, ग्रेटर कैलाश, कालकाजी, चिराग दिल्ली और नेहरू प्लेस की तरफ आने-जाने वाले यातायात को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने का लक्ष्य है।

     

    निर्माण कार्य 20 अगस्त से शुरू हुआ था और परियोजना के दिसंबर 2027 तक पूरा होने का अनुमान बताया गया है। इसका मतलब है कि निर्माण अवधि के दौरान इस क्षेत्र में यातायात प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बना रहेगा। PWD और ट्रैफिक पुलिस की ओर से चरणबद्ध निर्माण, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण के जरिए वाहनों की आवाजाही बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

     

    फिलहाल कालकाजी फ्लाईओवर की रैंप हटाने का काम शुरू होने के बाद यात्रियों को पीक ऑवर में अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी निर्माण कार्य और अन्य सड़क व्यवधानों से जुड़े यातायात अलर्ट लगातार जारी किए जा रहे हैं।

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