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J&K विधानसभा में छुट्टी को लेकर घमासान, शेख अब्दुल्ला की जयंती बहाल करने की मांग पर BJP का वॉकआउट

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। नेशनल
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी बहाल करने की मांग उठाई। इस पर बीजेपी विधायकों ने आपत्ति जताई और महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारेबाजी की।

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    लारमी ने क्या मांग रखी?

    अब्दुल मजीद लारमी ने सदन में कहा कि शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती पर पहले मिलने वाली छुट्टी को दोबारा बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो महाराजा हरि सिंह की जयंती पर घोषित सार्वजनिक अवकाश को वापस लेने पर विचार किया जाना चाहिए।

    लारमी की इस टिप्पणी के बाद बीजेपी सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया और महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान सदन में शोर-शराबे की स्थिति बन गई।

    NC के अन्य विधायक भी समर्थन में

    हंगामे के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मुबारक गुल और शमीमा फिरदौस ने भी शेख अब्दुल्ला की जयंती पर छुट्टी बहाल करने की मांग का समर्थन किया।

    PDP विधायक वहीद-उर-रहमान पारा ने भी इस मांग का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने 13 जुलाई के शहीद दिवस को राज्य की सार्वजनिक छुट्टियों की सूची में फिर शामिल करने की मांग उठाई।

    स्पीकर ने दी सदन चलने देने की हिदायत

    लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छुट्टी देने या हटाने का अधिकार स्पीकर के पास नहीं है।

    इसके बावजूद सदन में विरोध जारी रहा। बाद में बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

    13 जुलाई की छुट्टी का मुद्दा भी उठा

    13 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में पहले ‘शहीद दिवस’ के रूप में सार्वजनिक अवकाश रहता था। 2019 के बाद इसे आधिकारिक छुट्टियों की सूची से हटा दिया गया था। अब PDP के वहीद पारा समेत कुछ विधायकों ने इसे फिर से बहाल करने की मांग उठाई है।

    वहीं, महाराजा हरि सिंह की जयंती 23 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश के तौर पर सूचीबद्ध है। इस छुट्टी को लेकर सदन में हुई टिप्पणी के बाद बीजेपी सदस्यों ने विरोध किया।

    दूसरे दिन भी हंगामे से शुरू हुई कार्यवाही

    जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र शुरू होने के पहले दिन भी सदन में बीजेपी और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच नारेबाजी और विरोध देखने को मिला था। दूसरे दिन छुट्टियों से जुड़ा मुद्दा सामने आने के बाद एक बार फिर सदन में टकराव की स्थिति बनी और बीजेपी विधायकों के वॉकआउट के साथ यह घटनाक्रम सामने आया।

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