Last updated: September 23rd, 2026 at 10:45 am

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को श्रीनगर के टैगोर हॉल में लेखक रिजवान कादरी की पुस्तक ‘Sardar Patel and Kashmir: The Untold History’ का विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान सिन्हा ने किताब के लेखक को बधाई दी और सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया।
सरदार पटेल को बताया महान राष्ट्र निर्माता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने सरदार पटेल को महान राष्ट्र निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि पटेल की दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और लोगों की भावनाओं को समझने की क्षमता ने देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिन्हा ने कहा कि यह पुस्तक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को नए सिरे से समझने और उनसे जुड़े सामूहिक दायित्वों पर विचार करने का अवसर देती है।
1947 के कबायली हमले का भी किया जिक्र
जम्मू-कश्मीर के इतिहास का उल्लेख करते हुए सिन्हा ने कहा कि सरदार पटेल इस क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रमों से गहराई से जुड़े हुए थे और उस दौर की कई प्रमुख हस्तियों के संपर्क में रहे थे। उन्होंने 1947 के कबायली हमले का जिक्र करते हुए ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह और मकबूल शेरवानी के साहस और भूमिका को भी याद किया।
‘इतिहास को तथ्यों के आधार पर समझना जरूरी’
एलजी ने ऐतिहासिक घटनाओं को ईमानदारी और निष्पक्षता से समझने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास पढ़ने का उद्देश्य सिर्फ किसी व्यक्ति का महिमामंडन करना नहीं होना चाहिए, बल्कि तथ्यों को समझना और उनसे भविष्य के लिए सीख लेना होना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि ऐसी किताबें पाठकों को अतीत की घटनाओं और उनके प्रभावों को समझने का अवसर देती हैं।
2019 के बाद के बदलावों का भी किया जिक्र
कार्यक्रम में मनोज सिन्हा ने 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में समान अधिकार, सुरक्षा और अवसरों पर जोर बढ़ा है। उन्होंने शिक्षा, उद्यमिता, विकास और खेल के क्षेत्र में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों का जिक्र करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में निरंतर प्रगति के लिए शांति जरूरी है।
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील
एलजी सिन्हा ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों के सहयोग की अपील की। उन्होंने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख को दोहराते हुए नागरिकों से भारत के संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एच.एच. आचार्य स्वामीश्री जितेंद्रियप्रियदासजी स्वामीजी महाराज समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सिन्हा ने पुस्तक के प्रकाशन के लिए संस्थान की सराहना की और कश्मीर के इतिहास पर पुस्तक के जरिए दृष्टिकोण सामने रखने के लिए लेखक रिजवान कादरी को बधाई दी।
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