Last updated: September 23rd, 2026 at 01:46 pm

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली एक कथित फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। शुकुल बाजार थाना पुलिस ने पाली जंगल में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक मौके से 11 निर्मित और पांच अर्द्धनिर्मित तमंचे समेत कुल 16 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में उपकरण और कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 23 सितंबर की सुबह ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत की गई। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पाली जंगल में कुछ लोग अवैध हथियार तैयार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने जंगल में घेराबंदी की और कथित तौर पर हथियार बनाते हुए दो युवकों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखनऊ जिले के माल थाना क्षेत्र के नवीपनाह निवासी कौशल किशोर और छोटू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों जंगल में घास-फूस और झाड़ियों के बीच छिपकर तमंचे तैयार कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों स्थान बदल-बदलकर हथियार बनाने का काम करते थे, ताकि उनकी गतिविधियों की जानकारी आसानी से सामने न आ सके।
तलाशी के दौरान पुलिस को 315 बोर के नौ निर्मित तमंचे और दो कारतूस मिले। इसके अलावा दो खोखा कारतूस भी बरामद किए गए। पुलिस ने 12 बोर के दो निर्मित तमंचे और दो कारतूस के साथ पांच अर्द्धनिर्मित 12 बोर के तमंचे भी बरामद किए। इस तरह मौके से कुल 16 तमंचे बरामद होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं। बरामद सामान में लोहे की नाल, हथौड़े, हैमर, स्प्रिंग, ट्रिगर, फायरिंग पिन, बट और अन्य धातु के हिस्से शामिल बताए गए हैं। मौके से एक भट्टी और हथियार तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई औजार भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार बरामदगी से यह पता चलता है कि वहां हथियार तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे सुनसान जगहों की तलाश करके वहां अवैध हथियार बनाते थे। पाली जंगल में भी वे पिछले कुछ समय से इसी तरह की गतिविधि कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हथियारों की बिक्री और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि तैयार किए गए तमंचों की सप्लाई लखनऊ और आसपास के जिलों में की जाती थी। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे पिछले करीब एक वर्ष से इस कारोबार में शामिल थे। पुलिस के अनुसार एक तमंचे को करीब पांच से साढ़े पांच हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई है। आरोपियों ने अब तक 15 से 20 तमंचे बेचने की जानकारी दी है, हालांकि पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
मौके से एक मोटरसाइकिल भी मिली है। पुलिस के अनुसार आरोपी वाहन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया। पुलिस अब वाहन के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी की भी जांच कर रही है।
मामले में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध हथियारों के निर्माण और बिक्री में उनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी के पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और आपूर्ति पर रोक लगाना है।
पुलिस बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके कथित नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
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