Human Live Media

HomeStateBiharJamuiजमुई छेड़छाड़ केस में हरेराम यादव जेल भेजा गया, कोर्ट में वकील ने मारा थप्पड़

जमुई छेड़छाड़ केस में हरेराम यादव जेल भेजा गया, कोर्ट में वकील ने मारा थप्पड़

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के
jamui-news-1 (1)

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। बुधवार को गिरफ्तार आरोपी हरेराम यादव को मेडिकल जांच के बाद पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

Table of Contents

    आरोपी को कोर्ट परिसर में पेश किए जाने के दौरान अचानक हंगामा हो गया। इसी दौरान अधिवक्ता आकाश पांडेय ने हरेराम यादव को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई।

    वकील ने कहा- घटना को लेकर था आक्रोश

    थप्पड़ मारने के बाद अधिवक्ता आकाश पांडेय ने कहा कि घटना को लेकर उनके भीतर काफी आक्रोश था। उन्होंने इसे जमुई के लोगों के आक्रोश का प्रतीक बताया।

    वहीं, पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने से पहले उसकी चिकित्सकीय जांच कराई थी। फिट पाए जाने के बाद उसे पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश्वर दुबे की अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेजने का आदेश दिया गया।

    मामले में अब तक आठ गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पांच आरोपी नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले से जुड़े बताए गए हैं, जबकि तीन लोगों पर घटना से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है।

    जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि पुलिस द्वारा निरुद्ध किए गए तीन नाबालिगों में से एक की उम्र जांच के दौरान बालिग पाई गई है। उम्र की पुष्टि के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    इस मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान मंगलवार को नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक जांच में छेड़छाड़ के मामले से जुड़े छह आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें पांच पकड़े जा चुके हैं, जबकि रणजीत राम अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

    वीडियो वायरल करने वालों पर भी कार्रवाई

    मामले से जुड़े संवेदनशील वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के बाद साइबर पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। पुलिस ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर करीब 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स को चिन्हित किया है, जिनसे वीडियो प्रसारित किए जाने की जानकारी मिली है।

    नाबालिग से संबंधित वीडियो को बिना ब्लर किए सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में जमुई साइबर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन सोशल मीडिया हैंडलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें योगेंद्र प्रसाद यादव, फैयाज शाह और रामाशीष कुमार शामिल हैं।

    वायरल वीडियो मामले में भी जांच जारी

    पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस वायरल वीडियो और उसके लिंक के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है। दो नाबालिग आरोपियों को पहले ही बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    Loading

    Comments are off for this post.