Last updated: September 24th, 2026 at 03:02 pm

लखनऊ में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में नई सुविधा शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के बीच समझौते के बाद अब भारत टैक्सी सेवा को लखनऊ मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य उन यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है, जिनके घर या कार्यालय मेट्रो स्टेशन से काफी दूर हैं।
इस व्यवस्था के तहत यात्री भारत टैक्सी ऐप के जरिए कैब बुक कर सकेंगे। इसका इस्तेमाल घर या कार्यालय से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए किया जा सकता है। इसी तरह मेट्रो से अपने स्टेशन पर उतरने के बाद यात्री वहां से अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के लिए भी भारत टैक्सी बुक कर सकेंगे। मेट्रो परिसरों में इसके लिए निर्धारित पिकअप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इस सेवा की एक प्रमुख विशेषता सर्ज प्राइसिंग का नहीं होना बताई गई है। यानी अधिक मांग वाले समय में सामान्य तौर पर किराए में अचानक बढ़ोतरी करने वाली व्यवस्था यहां लागू नहीं होगी। इससे यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले किराए का अनुमान लगाने में आसानी हो सकती है और पीक आवर्स में कैब की कीमतों में अचानक बदलाव की समस्या कम हो सकती है।
भारत टैक्सी को सहकारी मॉडल पर संचालित किया जा रहा है। इसमें ड्राइवरों को ‘सारथी’ के रूप में जोड़ा जाता है और मॉडल का उद्देश्य ड्राइवरों को सेवा व्यवस्था में हिस्सेदार बनाना है। उत्तर प्रदेश में सेवा के लॉन्च के दौरान बताया गया कि ड्राइवरों के लिए जीरो-कमीशन मॉडल रखा गया है और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा का विस्तार लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज तक किया गया है। 23 सितंबर को लखनऊ में हुए कार्यक्रम के दौरान सेवा के औपचारिक विस्तार की घोषणा की गई। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों के साथ समझौते भी किए गए, जिनमें लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस से जुड़े समझौते शामिल हैं।
मेट्रो के साथ भारत टैक्सी को जोड़ने का एक उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को आसान बनाना भी है। कई यात्रियों के लिए मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना या स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक जाना पूरी यात्रा का मुश्किल हिस्सा होता है। इसे परिवहन व्यवस्था में फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी कहा जाता है। टैक्सी सेवा को मेट्रो नेटवर्क के साथ जोड़ने से इस अंतर को कम करने की कोशिश की जा रही है।
लखनऊ मेट्रो पहले भी यात्रियों की फर्स्ट और लास्ट माइल जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग मोबिलिटी सेवाओं के साथ साझेदारी कर चुका है। भारत टैक्सी के जुड़ने के बाद यात्रियों के पास मेट्रो स्टेशन तक आने-जाने के लिए एक और विकल्प उपलब्ध होगा। अधिकारियों के मुताबिक ऐप आधारित टैक्सी और मेट्रो को एक साथ इस्तेमाल करने से उन यात्रियों को सुविधा मिल सकती है, जिनके लिए स्टेशन तक पैदल पहुंचना संभव नहीं है।
भारत टैक्सी के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार को भी सहकारी परिवहन मॉडल के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अनुसार सितंबर 2026 तक देशभर में 10 लाख से अधिक सारथी इससे जुड़ चुके थे और रोजाना लगभग 20 हजार राइड पूरी होने की जानकारी दी गई। हालांकि अलग-अलग शहरों में सेवा का संचालन और उपलब्धता स्थानीय स्तर पर अलग हो सकती है।
यात्रियों के लिए इस सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू किराए की पारदर्शिता और उपलब्धता है। सर्ज प्राइसिंग नहीं होने से विशेष रूप से व्यस्त समय में किराए में अचानक बढ़ोतरी से बचने की व्यवस्था बताई गई है। हालांकि वास्तविक किराया यात्रा की दूरी, वाहन के प्रकार और ऐप पर उपलब्ध सेवा जैसे कारकों के आधार पर निर्धारित होगा।
लखनऊ में भारत टैक्सी की यह नई सुविधा मेट्रो यात्रियों के लिए परिवहन के अलग-अलग साधनों को जोड़ने की कोशिश का हिस्सा है। आने वाले समय में इसके इस्तेमाल और विस्तार के आधार पर यह देखा जाएगा कि मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने और वहां से गंतव्य तक जाने में यात्रियों को कितनी सुविधा मिलती है। फिलहाल भारत टैक्सी के मेट्रो नेटवर्क से जुड़ने के बाद लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन के साथ ऐप आधारित कैब सेवा का एक और विकल्प उपलब्ध हो गया है।
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