Last updated: October 1st, 2026 at 02:21 pm

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना की ‘ऑपरेशन दृष्टि’ पहल के तहत तंगधार और श्रीनगर में कुल 364 नेत्र सर्जरी की गईं। इस अभियान के 11वें मेगा आई सर्जरी कैंप के समापन समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए और सेना के मेडिकल स्टाफ की सराहना की। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इन सर्जरी में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, पर्टिजियम और रेटिना से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल थीं।
तंगधार में दो दिन में 220 सर्जरी
ऑपरेशन दृष्टि का एक अहम चरण कुपवाड़ा के तंगधार में हुआ। 24 और 25 सितंबर को आयोजित इस कैंप में दो दिनों के भीतर 220 मरीजों की आंखों की सर्जरी की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह नियंत्रण रेखा के पास आयोजित पहला मेगा आई सर्जरी कैंप था, जहां भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी की गई।
दूरदराज और चुनौतीपूर्ण इलाके में मेडिकल सुविधाएं पहुंचाने के लिए आधुनिक सर्जिकल उपकरणों को एयरलिफ्ट कर तंगधार पहुंचाया गया। खावरपोरा, तंगधार, बागबेला और आसपास के गांवों के मरीजों को भी इस कैंप का लाभ मिला।
श्रीनगर में 144 मरीजों का ऑपरेशन
ऑपरेशन दृष्टि के दूसरे चरण में 28 और 29 सितंबर को श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में 144 मरीजों की आंखों की सर्जरी की गई। इस तरह तंगधार और श्रीनगर के दोनों कैंपों में कुल 364 सर्जरी पूरी हुईं।
इन कैंपों से पहले कश्मीर घाटी के दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में 18 स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए थे। इनमें करीब 6,000 लोगों की आंखों की जांच हुई और लगभग 500 मरीजों को सर्जरी की जरूरत के तौर पर चिन्हित किया गया था।
LG ने मेडिकल टीम की सराहना की
समापन समारोह में LG मनोज सिन्हा ने भारतीय सेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और सहयोगी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 364 सर्जरी केवल एक आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि इनसे मरीजों के जीवन में बदलाव आया और उन्हें बेहतर दृष्टि के साथ नई उम्मीद मिली।
उन्होंने तंगधार जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में मेडिकल सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में LG ने रक्षा बलों के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को सम्मानित किया और लाभार्थियों को पोस्ट-ऑपरेटिव किट भी वितरित कीं।
देश के 10 शहरों तक पहुंचा ऑपरेशन दृष्टि
LG के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेशन दृष्टि के तहत 10 शहरों में 1.5 लाख से ज्यादा लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है और 3,500 से अधिक सर्जरी हुई हैं। कश्मीर चरण के पूरा होने के बाद इस पहल का अगला चरण ओडिशा में आयोजित किया जाना है।
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