Last updated: October 2nd, 2026 at 01:41 pm

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में वाहन चालकों को जल्द टोल प्लाजा पर रुकने या अपनी गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मलाक हरहर में गंगा पर बने 9.9 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन ब्रिज के टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू करने को मंजूरी दे दी गई है। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद वाहन बिना बैरियर पर रुके लगातार अपनी गति से आगे बढ़ सकेंगे।
मलाक हरहर क्षेत्र में तैयार किए जा रहे टोल प्लाजा को पारंपरिक बैरियर आधारित व्यवस्था से अलग रखने की योजना है। फ्री-फ्लो सिस्टम में वाहनों को टोल भुगतान के लिए किसी निर्धारित लेन में रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन गुजरते समय आधुनिक कैमरों और फास्टैग तकनीक की मदद से टोल की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस व्यवस्था में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी एएनपीआर कैमरों और फास्टैग का इस्तेमाल किया जाएगा। वाहन टोल क्षेत्र से गुजरेंगे तो वहां लगाए गए कैमरे नंबर प्लेट की पहचान करेंगे और फास्टैग के जरिए शुल्क संग्रह की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार बनने की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रयागराज के इस पुल की लंबाई करीब 9.9 किलोमीटर है। गंगा नदी के ऊपर बने पुल का एक हिस्सा लगभग 860 मीटर लंबा है। पुल और टोल प्लाजा से जुड़े निर्माण तथा तकनीकी कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुल के बाकी हिस्से की लोड टेस्टिंग 10 से 30 अक्टूबर के बीच कराई जाएगी, जबकि 860 मीटर वाले हिस्से की लोड टेस्टिंग 15 नवंबर से शुरू करने की योजना है।
टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर भी तैयार किया जा रहा है। इस केंद्र से कैमरों और टोलिंग सिस्टम के जरिए वाहनों की आवाजाही तथा शुल्क संग्रह की निगरानी की जाएगी। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से टोल संचालन में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और वाहनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने का उद्देश्य है।
मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार इस व्यवस्था में एएनपीआर और फास्टैग तकनीक के माध्यम से वाहन बिना रुके टोल क्षेत्र से गुजर सकते हैं। पर्याप्त फास्टैग बैलेंस रखना जरूरी होगा। यदि फास्टैग में पर्याप्त राशि नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो इलेक्ट्रॉनिक नोटिस के जरिए शुल्क भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
प्रयागराज में इस व्यवस्था का एक उद्देश्य शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना भी है। अभी पारंपरिक टोल व्यवस्था में वाहनों को शुल्क भुगतान के लिए रुकना पड़ता है, जिससे व्यस्त समय में कतार बन सकती है। फ्री-फ्लो व्यवस्था में इस रुकावट को हटाने की कोशिश की जाएगी।
पुल से जुड़े अन्य निर्माण कार्य भी निर्धारित समय में पूरे करने की तैयारी है। रिपोर्ट के अनुसार पुल पर सड़क की डामर की दो परत डालने और सौंदर्यीकरण का काम भी किया जा रहा है। इन कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। इसके बाद पुल के एक लेन से यातायात शुरू करने की तैयारी है।
प्रयागराज में दो नए फ्लाईओवर के प्रस्ताव भी हाल में शासन की व्यय-वित्त समिति के सामने रखे गए हैं। इनमें मेडिकल चौराहे से सीएवी इंटर कॉलेज और केपी इंटर कॉलेज के बीच तथा सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से बस अड्डे के बीच फ्लाईओवर शामिल हैं। इन प्रस्तावों का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम करना है।
मलाक हरहर सिक्स-लेन ब्रिज पर फ्री-फ्लो टोलिंग सिस्टम को लागू करने की तैयारियां चल रही हैं। लोड टेस्टिंग, सड़क निर्माण, कमांड सेंटर और अन्य जरूरी काम पूरे होने के बाद इसकी अंतिम परिचालन व्यवस्था स्पष्ट होगी। सिस्टम शुरू होने पर प्रयागराज में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल भुगतान के लिए रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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