Last updated: October 3rd, 2026 at 02:18 pm

उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी। यह राशि सीधे लाभार्थी विद्यार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
इस चरण में कक्षा 9वीं-10वीं और दशमोत्तर स्तर के पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया। सरकार के अनुसार, इस भुगतान का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करना और पात्र छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों को करीब 60.01 करोड़ रुपये दिए गए। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को करीब 64.54 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को लगभग 12.06 करोड़ रुपये की राशि दी गई। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 4.60 लाख से अधिक है।
छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों की श्रेणी और पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत पात्र विद्यार्थियों की निर्धारित फीस की राशि भी वापस की जाती है। भुगतान को सीधे बैंक खातों में भेजने से विद्यार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए अलग से कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती है।
सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ने पर भी जोर दिया है। इसके तहत आवेदन, सत्यापन और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। सरकार के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों के खातों में समय पर छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों को भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जा रहा है। इस दौरान कुल सहायता राशि 4,793 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों से इस राशि का इस्तेमाल पढ़ाई और शैक्षणिक जरूरतों के लिए करने की अपील की।
छात्रवृत्ति भुगतान की व्यवस्था में बैंक खातों और डिजिटल सत्यापन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी है कि आवेदन के दौरान दी गई जानकारी सही हो और बैंक खाता, आधार तथा अन्य जरूरी विवरण संबंधित रिकॉर्ड से मेल खाते हों। किसी तकनीकी या दस्तावेजी समस्या के कारण भुगतान रुकने की स्थिति में विद्यार्थी आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति देख सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति व्यवस्था में पुराने समय की समस्याओं का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि पात्र छात्र वित्तीय सहायता से वंचित न रहें।
इस भुगतान से उन विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है जिनकी पढ़ाई से जुड़ी फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं। सीधे बैंक खाते में राशि पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल हो जाती है और विद्यार्थी इसका उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार कर सकते हैं।
3 अक्टूबर को 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। सरकार की ओर से पात्र विद्यार्थियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और लंबित मामलों को दूर करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
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