Last updated: October 4th, 2026 at 12:26 pm

पटना स्नातक सीट के MLC चुनाव को लेकर JDU के भीतर शुरू हुआ अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पार्टी की ओर से इस मतभेद को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को दिए जाने की बात सामने आई थी। लेकिन अब अनंत सिंह ने दावा किया है कि ललन सिंह ने पिछले करीब एक महीने से उनसे कोई बातचीत नहीं की है।
नीरज के विरोध में खुलकर उतरे हैं अनंत सिंह
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से JDU ने मौजूदा MLC और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है।
अनंत सिंह का कहना है कि नीरज कुमार ने अलग-अलग मौकों पर उनका विरोध किया है। इसी वजह से उन्होंने इस बार पटना स्नातक सीट के चुनाव में नीरज के खिलाफ खुलकर अपना रुख सामने रखा है।
संजय झा ने ललन सिंह को दी थी जिम्मेदारी
विवाद बढ़ने के बाद JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद को दूर करने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है। पार्टी को उम्मीद थी कि दोनों नेताओं से बातचीत कर ललन सिंह इस मामले का कोई रास्ता निकाल सकते हैं।
लेकिन अनंत सिंह के ताजा बयान ने इस पहल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि ललन सिंह की ओर से उन्हें अब तक कोई संदेश या फोन नहीं मिला है।
ललन सिंह ने भी साफ किया अपना रुख
इस पूरे विवाद पर ललन सिंह पहले भी इसे दोनों नेताओं के बीच का मामला बता चुके हैं। अब एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वह किसी की पैरवी नहीं करते, क्योंकि कई बार किसी के पक्ष में पैरवी करने से मामला और बिगड़ सकता है।
4 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, ललन सिंह ने यह भी कहा कि वह दोनों नेताओं के बीच तभी समझौता करा सकते हैं, जब दोनों इसके लिए तैयार हों।
चुनाव से पहले JDU के सामने चुनौती
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार के सामने जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह समेत अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में JDU के अंदर अनंत सिंह का खुला विरोध पार्टी के लिए चुनावी स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया है।
फिलहाल एक तरफ पार्टी नेतृत्व की ओर से विवाद सुलझाने की कोशिश की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह के बयान और ललन सिंह के रुख से यह मामला पूरी तरह शांत होता नहीं दिख रहा। चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ इस विवाद पर JDU के भीतर क्या कदम उठता है, इस पर नजर बनी हुई है।
![]()
Comments are off for this post.