Last updated: October 9th, 2026 at 12:46 pm

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीतमा वर्मा और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में हाल के आपराधिक मामलों, महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई।
अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची बनाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपराधियों की *जिलावार और थानावार सूची* तैयार करने को कहा। साथ ही, जरूरत के अनुसार अपराधियों पर क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने हाल के दिनों में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और अपराध नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौजूदा स्थिति का फीडबैक लिया और गंभीर आपराधिक मामलों में कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया।
महिलाओं की सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर चर्चा
बैठक में महिलाओं के खिलाफ हुई घटनाओं और राज्य में सामने आए गंभीर आपराधिक मामलों को लेकर भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और पुलिस-प्रशासन को सक्रिय रहने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं और साइबर अपराध पर भी निर्देश
समीक्षा बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त कराने का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा, सभी जिलों में सोशल मीडिया की निगरानी और साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए साइबर क्राइम सेंटर की भूमिका मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
बैठक के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, सरकार का जोर अपराधियों की पहचान, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर है। इन निर्देशों का जिलों में किस तरह पालन होता है, यह आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
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