Last updated: October 10th, 2026 at 10:13 am

जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार में अगले हफ्ते कैबिनेट फेरबदल होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रीनगर में होने वाले इस विस्तार में पांच नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है, जबकि दो मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है। इसके बाद मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत कुल नौ सदस्य हो जाएंगे, जो केंद्र शासित प्रदेश के लिए निर्धारित अधिकतम संख्या है।
यह फेरबदल उमर अब्दुल्ला सरकार के दो साल पूरे होने के आसपास होने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं और नियमों के अनुसार, मंत्रिपरिषद का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता।
सूत्रों के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व इस बार पहली बार विधायक बने नेताओं के बजाय अनुभवी और वरिष्ठ विधायकों को प्राथमिकता दे सकता है। जिन पांच नेताओं के मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें अब्दुल रहीम राथर, अली मोहम्मद सागर, नज़ीर गुरेज़ी, अल्ताफ कल्लू और एजाज़ जान के नाम शामिल हैं।
अब्दुल रहीम राथर और अली मोहम्मद सागर सात-सात बार विधायक रह चुके हैं, जबकि नज़ीर गुरेज़ी चौथी बार विधानसभा पहुंचे हैं। अल्ताफ कल्लू और एजाज़ जान दूसरी बार विधायक बने हैं। इन पांच संभावित मंत्रियों में चार कश्मीर क्षेत्र से और एजाज़ जान जम्मू क्षेत्र से आते हैं।
स्पीकर पद पर भी बदलाव की संभावना
कैबिनेट विस्तार से पहले विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के पद छोड़ने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, उनकी जगह मुबारक गुल को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। गुल पहले भी इस पद पर रह चुके हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के पक्ष में है। वहीं, कांग्रेस के सरकार में शामिल होने की संभावना फिलहाल नहीं है। कांग्रेस का रुख रहा है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने तक वह सरकार में शामिल नहीं होगी। हालांकि, पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मौजूदा मंत्रियों से इस्तीफे भी लिए हैं। जिन दो मंत्रियों को हटाए जाने की संभावना है, उनके इस्तीफे मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेजे जा सकते हैं। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह श्रीनगर में होने की संभावना है, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद विभागों के बंटवारे में भी बदलाव हो सकता है। पिछले कई महीनों से कैबिनेट फेरबदल की चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले संकेत दिया था कि जीएसटी परिषद की बैठक के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, मंत्रियों के नाम और फेरबदल की अंतिम रूपरेखा को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
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