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Bihar Flood Alert: नेपाल में बूढ़ी गंडकी में सैलाब से बढ़ी चिंता, बिहार में कितना खतरा? मंत्री विजय चौधरी ने दिया जवाब

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी के जलप्रवाह में अचानक तेजी और भूस्खलन के बाद आई बाढ़ जैसी स्थिति ने बिहार
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नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी के जलप्रवाह में अचानक तेजी और भूस्खलन के बाद आई बाढ़ जैसी स्थिति ने बिहार में भी चिंता बढ़ा दी है। नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री इलाके में हुई घटना के बाद मकानों और पुलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या नेपाल से आने वाले पानी का असर बिहार पर भी पड़ सकता है?

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    बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने फिलहाल राज्य पर किसी बड़े तत्काल खतरे की आशंका से इनकार किया है। उनके मुताबिक, नेपाल में भूस्खलन के कारण नदी में गाद की मात्रा बढ़ गई है, जिससे पानी के प्रवाह की स्थिति प्रभावित हुई है। हालांकि, बिहार की नदियों के जलस्तर पर निगरानी बनाए रखना जरूरी है।

     नेपाल में भूस्खलन से बिगड़े हालात

    जानकारी के मुताबिक, नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में भूस्खलन के बाद बूढ़ी गंडकी की एक सहायक धारा का प्रवाह प्रभावित हुआ। इसके बाद पानी ने तेजी से नीचे की ओर रास्ता बनाया। इस घटना में नदी के आसपास के इलाकों में नुकसान होने की खबर है।

    स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राहत और बचाव एजेंसियां हालात पर नजर रख रही हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    नेपाल में हुई इस घटना के बाद बिहार में भी संभावित असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि नेपाल से निकलने वाली कई नदियां बिहार के नदी तंत्र को प्रभावित करती हैं।

     वाल्मीकिनगर बराज से करीब 200 किलोमीटर दूर घटनास्थल

    जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी के अनुसार, भूस्खलन वाला क्षेत्र बिहार के वाल्मीकिनगर बराज से करीब 200 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि नदी में गाद की अधिक मात्रा के कारण पानी के सामान्य प्रवाह पर असर पड़ा है।

    मंत्री का कहना है कि बिहार में इसका वास्तविक प्रभाव नदी के प्रवाह और जलस्तर की स्थिति के आधार पर ही आंका जा सकता है। फिलहाल सरकार ने किसी बड़े तत्काल खतरे की आशंका नहीं जताई है, लेकिन परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है।

     मुजफ्फरपुर और खगड़िया में चेतावनी स्तर से ऊपर बूढ़ी गंडक

    नेपाल की घटना से तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं जताई गई है, लेकिन बिहार में बूढ़ी गंडक के कुछ स्थानों पर जलस्तर पहले से ही चेतावनी स्तर को पार कर चुका है। उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के कांटी और खगड़िया में नदी का पानी चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है।

     मुजफ्फरपुर के कांटी में जलस्तर:
    – दर्ज जलस्तर: 53.61 मीटर
    – चेतावनी स्तर: 53.09 मीटर
    – खतरे का स्तर: 54.09 मीटर

    कांटी में नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से 0.52 मीटर ऊपर है, जबकि खतरे के निशान से 0.48 मीटर नीचे है।

     खगड़िया में जलस्तर:
    – दर्ज जलस्तर: 36.32 मीटर
    – चेतावनी स्तर: 35.58 मीटर
    – खतरे का स्तर: 36.58 मीटर

    खगड़िया में बूढ़ी गंडक का पानी चेतावनी स्तर से 0.74 मीटर ऊपर है और खतरे के निशान से सिर्फ 0.26 मीटर नीचे है। ये आंकड़े संबंधित समय के उपलब्ध विवरण पर आधारित हैं। वर्तमान स्थिति जानने के लिए जल संसाधन विभाग के ताजा बुलेटिन की पुष्टि जरूरी है।

      भागलपुर के महादेवपुर में कटाव पर भी निगरानी

    जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने भागलपुर के महादेवपुर में नदी कटाव की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कटाव से बचाव के लिए अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। फिलहाल वहां भी किसी बड़े खतरे की सूचना नहीं दी गई है।

     बिहार में बाढ़ का कितना खतरा?

    फिलहाल राज्य सरकार के अनुसार, नेपाल में हुई घटना से बिहार को तत्काल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। लेकिन बूढ़ी गंडक के कुछ स्थानों पर चेतावनी स्तर से ऊपर बहते पानी के कारण सतर्कता जरूरी है।

    आने वाले समय में नेपाल में नदी के प्रवाह, गाद की स्थिति और बिहार के अलग-अलग तटवर्ती इलाकों में जलस्तर में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण रहेगा। नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए और जलस्तर से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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