Last updated: October 12th, 2026 at 05:44 pm

झारखंड के जमशेदपुर में भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ और पत्थरबाजी के आरोप लगे। घटना में कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण प्रखंड अध्यक्ष मनोज उपाध्याय और भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा का प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बिष्टुपुर के जी टाउन मैदान से पैदल मार्च निकाला था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला मोर्चा के साथ बड़ी संख्या में भाजपा के पुरुष नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच पत्थरबाजी की घटना हुई, जिसमें दोनों पक्षों के नेताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई।
कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर लगाए पत्थरबाजी के आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता कार्यालय के सामने मौजूद थे, तभी भाजपा की ओर से पत्थरबाजी शुरू की गई। कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह ने घटना के लिए प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाना चाहिए था।
अवधेश सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों के स्वागत के लिए लड्डू, जलेबी और गुलाब के फूल लेकर खड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के व्यवहार से विवाद बढ़ा और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता घायल हुए।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने पत्थरबाजी के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामने फूल रखे, जबकि पीछे से पत्थरबाजी की गई। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस बल तैनात, जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। सिटी एसपी और धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वज्र वाहन भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और उन्हें पीछे हटाकर शांति बनाए रखने की अपील की।
अनुमंडल पदाधिकारी के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने वालों की पूर्व सूचना के आधार पर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, महिला मोर्चा के साथ बड़ी संख्या में पुरुष कार्यकर्ताओं के पहुंचने से भीड़ अपेक्षा से अधिक हो गई। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, पत्थरबाजी या हिंसा में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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