Last updated: October 19th, 2026 at 06:21 am

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक पत्रकार की कथित तौर पर मारपीट कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को जरोठी रोड स्थित एक आटा मिल में अखबार के लिए विज्ञापन मांगने पहुंचे पत्रकार मोहम्मद नसीम अहमद की विवाद के बाद पिटाई कर दी गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों और मृतक के परिजनों में आक्रोश है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नसीम अहमद हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘दैनिक जनवाणी’ से जुड़े हुए थे। वह दीपावली से पहले अखबार के लिए विज्ञापन जुटाने के उद्देश्य से अपने कुछ साथियों के साथ आटा मिल पहुंचे थे। बताया गया कि वहां विज्ञापन को लेकर बातचीत के दौरान कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नसीम अहमद और उनके साथ मौजूद लोगों के साथ मारपीट की गई। इस हमले में नसीम अहमद को गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बिगड़ गई।
घटना के बाद घायल पत्रकार को हापुड़ के गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिस्थितियों का जायजा लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मृतक के परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कई लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में घटनाक्रम की सही जानकारी जुटाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसके साथ ही फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ और मारपीट में किन लोगों की क्या भूमिका रही।
इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन जुटाना और स्थानीय स्तर पर समाचार संकलन करना पत्रकारिता के काम का हिस्सा है। ऐसे कार्य के दौरान किसी विवाद का हिंसक रूप ले लेना गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
नसीम अहमद के परिवार के लिए यह घटना बड़ा आघात है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी छोटी बेटी का विवाह 14 नवंबर को निर्धारित था। परिवार में विवाह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस घटना के बाद घर में शोक का माहौल छा गया। परिचितों और स्थानीय लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के सामने घटना का पूरा क्रम स्पष्ट करने, जिम्मेदार लोगों की भूमिका निर्धारित करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की चुनौती है। मामले में आगे की जानकारी जांच की प्रगति और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद सामने आएगी।
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