Last updated: October 19th, 2026 at 06:27 am

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने, गलत विवरण सुधारने और छूटे हुए लोगों को पंजीकरण का अवसर देने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। निर्वाचन अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। इसी क्रम में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) लोगों की सहायता कर रहे हैं और घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की पहचान करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली में मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समय-सीमा 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। इससे उन नागरिकों को अतिरिक्त समय मिला है, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं मिल रहे हैं या जिन्हें अपने विवरण में सुधार कराना है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम तारीख 30 नवंबर निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
इस अभियान के तहत 18 और 25 अक्टूबर को मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने की योजना बनाई गई है। इन शिविरों में बीएलओ उपलब्ध रहेंगे, जो नागरिकों को मतदाता सूची में नाम खोजने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेने और आवेदन जमा करने में सहायता करेंगे। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, वे इन शिविरों का लाभ उठा सकते हैं।
निर्वाचन प्रक्रिया में अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने या एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार फॉर्म-6 का उपयोग किया जा सकता है। यदि किसी मतदाता का नाम, पता या अन्य विवरण बदलना है, तो परिस्थितियों के अनुसार फॉर्म-8 की आवश्यकता हो सकती है। वहीं, किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने या निर्धारित कारणों से नाम हटवाने की प्रक्रिया में फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, जिन मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से गायब हैं, उन्हें अपनी स्थिति पहले जांच लेनी चाहिए। केवल यह मान लेना उचित नहीं है कि नाम हटने का कारण सामान्य वर्तनी की गलती है। नागरिक निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध मसौदा मतदाता सूची और संबंधित सूचनाओं की जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर अपने बीएलओ या जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करके सही प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।
विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कुछ नागरिकों ने नामों के गलत तरीके से हटाए जाने, स्थानांतरित बताए जाने या मृत दर्ज होने जैसी समस्याएं भी उठाई हैं। ऐसे मामलों में निर्वाचन अधिकारियों के सामने रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है। नागरिकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का नाम लंबे समय से मतदाता सूची में दर्ज रहा है, तो उसके विवरण में बदलाव होने पर स्पष्ट जानकारी और उचित सुनवाई मिलनी चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान दावों और आपत्तियों का समय पर निस्तारण इसीलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में इस अभियान के दौरान बीएलओ और संबंधित अधिकारियों की भूमिका अहम है। उन्हें मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच करने, आवेदन संबंधी सहायता देने और पात्र नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने का काम सौंपा गया है। प्रशासन राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सहयोग की अपेक्षा कर रहा है, ताकि नागरिकों को प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी मिल सके।
मतदाता सूची में नाम शामिल होना चुनाव में मतदान करने के लिए आवश्यक है। इसलिए दिल्ली के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने नाम और विवरण की जांच कर लें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या कमी दिखाई देती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय रहते आवेदन करें। मतदाता संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in या दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceodelhi.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।
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