Last updated: October 27th, 2026 at 08:50 am
राजस्थान में ढोल का बाढ़ जंगल को बचाने के लिए हुए आंदोलन से जुड़े CJP नेता आशुतोष रांका ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल पर नाराजगी जाहिर की है। एक मीडिया रिपोर्ट में शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से विला और कॉटेज खरीदने की जानकारी सामने आने के बाद रांका ने पुराना घटनाक्रम याद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जंगल बचाने के लिए किए गए अपने पहले विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन्हें शिखर अग्रवाल के दफ्तर के बाहर करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा था।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निकाली भड़ास
आशुतोष रांका सोशल मीडिया पर पर्यावरण और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। शिखर अग्रवाल से संबंधित रिपोर्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि उन्हें ढोल का बाढ़ जंगल आंदोलन के दौरान का घटनाक्रम याद है। रांका के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनके साथियों को अधिकारी के कार्यालय के बाहर चार घंटे तक इंतजार कराया गया। इसके बाद सुरक्षा गार्डों ने उन्हें वहां से चले जाने को कहा।
रांका की यह प्रतिक्रिया मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद आई है। हालांकि, उनके पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
क्या है ढोल का बाढ़ जंगल आंदोलन?
ढोल का बाढ़ जंगल जयपुर के सांगानेर इलाके में स्थित हरित क्षेत्र है। इस क्षेत्र को बचाने के लिए पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया था। आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप था कि प्राकृतिक रूप से विकसित हरित क्षेत्र को खत्म करके वहां मॉल, मंडपम और अन्य इमारतें बनाने की योजना थी।
इसी के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों ने प्रदर्शन किया और जंगल को बचाने की मांग उठाई। यह आंदोलन शहरी विकास और प्राकृतिक हरित क्षेत्रों के संरक्षण के बीच टकराव को लेकर चर्चा में रहा।
IAS शिखर अग्रवाल और संपत्ति खरीद की रिपोर्ट
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी IPS प्रशाखा माथुर, उनके दोनों बेटों और सास-ससुर ने करीब ढाई साल के दौरान एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इन संपत्तियों को बाद में उसी कंपनी को सालाना 1.80 करोड़ रुपये की लीज पर दिया गया।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद संपत्ति खरीद और लीज से जुड़े लेनदेन पर चर्चा शुरू हुई है। हालांकि, केवल रिपोर्ट के आधार पर किसी अनियमितता या गलत काम का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कौन हैं शिखर अग्रवाल?
शिखर अग्रवाल राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वे उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (RIICO) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं। उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर IPS अधिकारी हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ढोल का बाढ़ जंगल आंदोलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को लेकर चर्चा में आए थे। खबर के मुताबिक, जमानत पर रिहा होने के बाद से वे विरोध-प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हुए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया के माध्यम से वे अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
शिखर अग्रवाल से जुड़ी संपत्ति की रिपोर्ट के बाद रांका की पुरानी नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। अब इस मामले में संपत्ति से जुड़े दावों और उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।
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