Last updated: October 27th, 2026 at 03:49 pm

बिहार के पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र स्थित मनकौरा गांव में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के बाद शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। गाना बजाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव की घटना सामने आई। इस दौरान एक गली में खड़ी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनकौरा गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के बाद गाना बजाने को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद शुरू हुआ था। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, लेकिन धीरे-धीरे मामला बढ़ता चला गया। विसर्जन के करीब तीन घंटे बाद विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराई। उस समय मामला नियंत्रण में आ गया था, लेकिन तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
मंगलवार सुबह एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से पथराव होने लगा। गांव में अचानक तनाव बढ़ने से स्थानीय लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान एक गली में खड़ी गाड़ी को क्षतिग्रस्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
इस मामले में फायरिंग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। एक पक्ष की ओर से दावा किया गया कि दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने घर से राइफल निकालकर गोली चलाई थी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर फायरिंग की पुष्टि करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इसलिए गोली चलने के आरोप की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
बाढ़ के एसडीपीओ-1 रामकृष्ण ने बताया कि मनकौरा गांव में दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया था। सोमवार रात विवाद शांत करा दिया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह फिर से पथराव की घटना हुई। उनके अनुसार, दोनों पक्षों के लोग एकत्रित हो गए थे, जिससे तनाव बढ़ गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि विवाद की वजह और हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
घटना के बाद गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है। किसी भी तरह की दोबारा झड़प को रोकने के लिए पुलिस सतर्क है। अधिकारियों की ओर से स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद किस बात से शुरू हुआ, पथराव में कौन-कौन शामिल था और गाड़ी में तोड़फोड़ किसने की।
धार्मिक आयोजनों के बाद इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा करती हैं। मनकौरा गांव की घटना में भी शुरुआती विवाद का हिंसक रूप लेना चिंता का विषय है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। फायरिंग के आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का प्रयास है कि गांव में सामान्य स्थिति बहाल रहे और दोनों पक्षों के बीच आगे कोई टकराव न हो।
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